आजमनगर-रोहिया घाट का अब तक नहीं हुआ डाक

आजमनगर-रोहिया घाट का अब तक नहीं हुआ डाक

– विभागीय लापवाही से सरकार को राजस्व का लग रहा चूना आजमनगर आजमनगर-रोहिया घाट इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. एक महीने बीत जाने के बाद भी अब तक इस घाट का डाक (नीलामी) नहीं हो पाया है. यही कारण है कि स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. इस पूरे मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आजमनगर-रोहिया घाट क्षेत्र के लोगों के लिए एक मात्र आवागमन का साधन है. इस घाट के माध्यम से रोजाना सैकड़ों लोग नदी पार करते हैं. लेकिन घाट का विधिवत डाक नहीं होने के कारण यहां कोई ठोस व्यवस्था नहीं है. नाव संचालन अनियमित तरीके से हो रहा है. जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर घाट की नीलामी नहीं होती है तो सरकार को इससे अच्छा-खासा राजस्व प्राप्त होता लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह प्रक्रिया एक महीने से लंबित पड़ी है. यही कारण है कि आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण जानबूझकर डाक प्रक्रिया को टाला जा रहा है. स्थानीय लोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की तो उन्हें केवल आश्वासन ही मिला. अब तक न तो कोई ठोस पहल की गई है और न ही किसी प्रकार की जांच की गई है. अधिकारियों की यह उदासीनता लोगों में आक्रोश पैदा कर रही है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा है कि जल्द से जल्द आजमनगर-रोहिया घाट की पारदर्शी तरीके से नीलामी कराई जाय. डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा है कि नाव परिचालन में किसी भी तरह से कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जायेगी. सेफ्टी एवं संख्या सहित अन्य चीजों को जिला स्तरीय जांच टीम गठित कर मामले कि जांच की जायेगी.

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Published by: Rajkishor k

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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