जनगणना 2027 में पहली बार मिलेगा स्व गणना का विकल्प

जनगणना 2027 में पहली बार मिलेगा स्व गणना का विकल्प

– 646 शिक्षक लगाये गये कार्य में कोढ़ा आगामी जनगणना को लेकर कोढ़ा प्रखंड में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. प्रखंड विकास पदाधिकारी राजकुमार पंडित ने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए सेंसस एप का उपयोग किया जायेगा. इसके माध्यम से ग्रामीण स्वयं भी अपनी जनगणना की जानकारी दर्ज कर सकेंगे. यह सुविधा 16 अप्रैल से 1 मई तक उपलब्ध रहेगी. उन्होंने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कुल 646 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है. इनमें 546 प्रगणक (एन्यूमरेटर) और 100 सुपरवाइजर शामिल हैं. ये कर्मी घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे. साथ ही लोगों को एप के माध्यम से स्वयं जानकारी भरने के लिए भी जागरूक करेंगे. जनगणना कार्य में लगे सभी शिक्षकों को 6 अप्रैल से 16 अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें डिजिटल प्रणाली, मोबाइल एप और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जायेगी. ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष होकर जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा कर सकें. बीडीओ ने सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें. निर्धारित समय के भीतर अपनी सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करायें. कहा, सटीक आंकड़े मिलने से सरकार को योजनाएं बनाने व उन्हें सही लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. जनगणना 2027 में पहली बार मिलेगा स्व-गणना का विकल्प भारत में होने वाली जनगणना 2027 में पहली बार लोगों को स्व-गणना का विकल्प दिया जायेगा. इसके तहत परिवार के सदस्य स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जनगणना की जानकारी भर सकेंगे. यह वेब पोर्टल मकान सूचीकरण शुरू होने से लगभग 15 दिन पहले डेस्कटॉप, लैपटॉप और मोबाइल पर उपलब्ध होगा. फॉर्म भरते समय परिवारों को राज्य, जिला, उप-जिला या ब्लॉक, ग्राम या नगर और वार्ड की जानकारी दर्ज करनी होगी. साथ ही डिजिटल मैप के माध्यम से घर का सही स्थान भी चिन्हित करना होगा. पोर्टल पर वही प्रश्न और विकल्प होंगे, जो जनगणना के मोबाइल एप में उपलब्ध रहेंगे. लोगों की सुविधा के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और टूल-टिप्स भी दिए जायेंगे. स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार को एक विशेष पहचान संख्या (एसई आईडी) प्रदान की जायेगी. जो एसएमएस या ई-मेल के माध्यम से भेजी जायेगी. बाद में प्रगणक इस जानकारी का सत्यापन और प्रमाणीकरण करेंगे. जबकि जिन परिवारों ने स्वयं जानकारी दर्ज नहीं की होगी. उनसे घर-घर जाकर डेटा एकत्रित किया जायेगा. इस नई व्यवस्था से जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है.

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By RAJKISHOR K

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