कटिहार मनसाही थाना क्षेत्र के बड़ी बथनाहा गांव में एक छात्रा ने मैट्रिक परीक्षा में असफल होने के बाद आत्मघाती कदम उठाने का मामला सामने आया है. बड़ी बथनाहा निवासी अनिल रविदास की पुत्री नेहा कुमारी ने रविवार को जहरीला पदार्थ खा लिया. हालांकि समय रहते परिजनों की सतर्कता से उसकी जान बच गयी. नेहा कुमारी ने इस वर्ष मैट्रिक की परीक्षा दी थी. लेकिन परिणाम में वह असफल हो गयी. इस बात को लेकर वह मानसिक रूप से काफी आहत थी. इसी बीच पढ़ाई को लेकर उसकी मां ने उसे थोड़ी डांट-फटकार लगा दी. जिससे वह और अधिक तनाव में आ गयी. आवेश में आकर नेहा ने घर में रखा चूहे मारने की दवा खा लिया. जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार वाले घबरा गये और बिना देर किए उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल कटिहार लेकर पहुंचे. जहां चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया. जिससे उनकी स्थिति अब ठीक है. डॉक्टर के अनुसार फिलहाल नेहा की हालत स्थिर है. वह अब खतरे से बाहर है. नेहा के पिता अनिल रविदास ने बताया कि परीक्षा में असफल होने के कारण मां ने उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा. थोड़ी डांट भी लगाई थी. जिसके बाद उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया. उन्होंने कहा कि परिवार को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठायेगी. इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि परीक्षा में असफलता को लेकर बच्चों पर मानसिक दबाव कितना गंभीर रूप ले सकता है. शिक्षा केवल सफलता और असफलता तक सीमित नहीं है. बल्कि यह जीवन के अनुभवों का हिस्सा है. प्रभात अपील छात्र-छात्राओं को चाहिए कि वे असफलता को अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत के रूप में लें. अभिभावकों से भी आग्रह है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें. बल्कि उनका हौसला बढ़ाएं और कठिन समय में उनका साथ दें.
मैट्रिक में असफल छात्रा ने खाया जहर, हालत खतरे से बाहर
मैट्रिक में असफल छात्रा ने खाया जहर, हालत खतरे से बाहर
