कोढ़ा बिहार सरकार जहां ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने व स्मार्ट गांव की अवधारणा को साकार करने का दावा कर रही है. कोढ़ा प्रखंड की दक्षिणी सिमरिया पंचायत जमीनी हकीकत की एक अलग तस्वीर पेश करती है. यहां उप स्वास्थ्य केंद्र भवन के अभाव में हजारों ग्रामीण बुनियादी चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं. पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र का अपना भवन नहीं होने के कारण नियमित रूप से डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं रहते. परिणामस्वरूप ग्रामीणों को सामान्य बुखार, संक्रमण या चोट जैसी समस्याओं के लिए भी करीब 15 किलोमीटर दूर कटिहार जाना पड़ता है. आपातकालीन स्थितियों में यह दूरी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है. लोगों ने कहा, सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बुजुर्गों को होती है. समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिलने से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ने की आशंका बनी रहती है. संसाधनों की कमी व दूरी के कारण कई परिवार झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेने को विवश हो जाते हैं. जिससे जोखिम और बढ़ जाता है. पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि ईशा ने इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार को पत्र लिखकर उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की मांग की है.
स्वास्थ्य सुविधा से वंचित दक्षिणी सिमरिया, 15 किमी दूर मिलता है इलाज
स्वास्थ्य सुविधा से वंचित दक्षिणी सिमरिया, 15 किमी दूर मिलता है इलाज
