कटिहार जिले से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए विगत पांच वर्षों से अधिक समय से निरंतर संघर्ष कर रही महाकाल सेना की एक अत्यंत महत्वपूर्ण व विशेष बैठक आयोजित की गयी. बैठक का मुख्य उद्देश्य इस राष्ट्रहित अभियान को और अधिक मजबूती, प्रखरता और तीव्रता के साथ आगे बढ़ाना है. बैठक की अध्यक्षता महाकाल सेना के अध्यक्ष शिवानंद उर्फ पप्पू सिंह ने की. विशेष बैठक में संगठन के सक्रिय सदस्य प्रसनजीत कुमार, मनोहर मुंडा, बबलू कुमार दुबे, संजय खरवार, तूफानी मुंडा, सिकंदर कुमार, सागर कुमार, अभिषेक कुमार, करण कुमार कलवार, विकास कुमार, नीरज कुमार, रामकुमार, राहुल कुमार, पंकज कुमार, शंकर कुमार, गोकुल कुमार, शंभू कुमार, संदीप कुमार, मुन्ना कुमार, चंदन मुंडा, लाल कुमार मुंडा, प्रकाश मंडा, सुनील कुमार, नीरज कुमार और अन्य प्रमुख कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे. महाकाल सेना के अध्यक्ष ने जिले की वर्तमान स्थिति पर गहरा संकट व्यक्त करते हुए कहा कि कटिहार जिले में अवैध घुसपैठियों और एक विशेष समुदाय की जनसंख्या का ग्राफ इस कदर बढ़ा है कि अब स्थानीय आबादी और उनकी जनसंख्या का अनुपात लगभग 50-50 प्रतिशत होने की ओर अग्रसर है. यह जनसांख्यिकीय असंतुलन जिले की आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिति के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है. आगामी दिनों में इस अभियान को गांव-गांव और ब्लॉक स्तर तक ले जाया जायेगा. ताकि आमलोगों को इस खतरे के प्रति जागरूक किया जा सके. प्रशासन पर अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने का दबाव बनाया जा सके. महाकाल सेना ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक कटिहार और संपूर्ण सीमांचल की पावन भूमि पूरी तरह से अवैध घुसपैठ मुक्त नहीं हो जाती, तब तक उनका यह आंदोलन और वैचारिक संघर्ष और अधिक उग्र रूप से जारी रहेगा.
महाकाल सेना की महत्वपूर्ण बैठक में लिए गये कई निर्णय
महाकाल सेना की महत्वपूर्ण बैठक में लिए गये कई निर्णय
