कार्तिक पूर्णिमा पर सामा चकेबा पर्व मनाया गया

कार्तिक पूर्णिमा पर सामा चकेबा पर्व मनाया गया

कदवा कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को क्षेत्र में सामा चकेबा पर्व मनाया गया. यह त्योहार भाई बहन के बीच परस्पर स्नेह व त्याग की भावना को समर्पित मिथिला का यह एक अनुपम त्योहार है. इस त्योहार का आरंभ भ्रातृद्वितिया के शुभ योग में मिट्टी छूने के साथ ही शुरू होता है.उस दिन सामा के गीत के साथ सबसे पहले सिरी सामा बनाकर सुभारम्भ होता है. उस दिन से कार्तिक पूर्णिमा के दिन तक सामा चकेबा को बना कर सूखा कर पिठार से ढोर कर अपने हाथों से रंगकर तैयार करते है. चिकनी मिट्टी से पंक्षी आकर का मनुष्य की संरचना में सामा चकेबा बनायी जाती है. सत भैया पचभैया,बाटो बहीन, घास से वृंदाबन एवं पटुआ से चुगला बनाया जाता है. सभी बहनों के डाला में सभी प्रकार के सामा को रखकर डाला सजा कर खेत में गांव की सभी महिलाएं रात के समय सामा पूजा करती है. भाई की लंबी उम्र की कामना करती है. इन अवसर पर गाम के अधिकारी तो है बड़का भैया है. सामा खेल चलली भौजी संग सहेली भैया जिय हो जुग जुग जिय हो गानों से क्षेत्र गुंजायमान हुआ. लोगों के जीवन मे व्यस्तता आने के कारण समय के अभाव में ये परंपरागत त्योहार विलुप्त होता नजर आ रहा है. फिर भी मिथिला के गावों में लोगों द्वारा इस लोक सांस्कृतिक परंपरा को जिंदा रखकर लोग सामा चकेबा की पूजा करते है. भाई के स्वस्थ रहने तथा लंबी उम्र की कामना करती है.

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By RAJKISHOR K

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