रेलवे स्टेशन के बाहर फुटकर दुकानदारों पर रोजी रोटी का मंडराया संकट

रेलवे स्टेशन के बाहर फुटकर दुकानदारों पर रोजी रोटी का मंडराया संकट

– 100 से अधिक परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति कटिहार रेलवे स्टेशन के बाहर वर्षों से फुटकर दुकान लगाकर अपनी आजीविका चलाने वाले दर्जनों दुकानदारों के सामने इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. रेलवे स्टेशन के मॉडल स्टेशन बाटा चौक साइड रोजी-रोटी कमाने के लिए दुकान सजाने वाले करीब 100 से अधिक फुटकर दुकानदारों को रेल प्रशासन द्वारा हटा दिए जाने के बाद उनके परिवारों पर भुखमरी का खतरा मंडरा रहा है. दुकानदारों का कहना है कि पिछले लगभग पांच महीनों से उन्हें स्टेशन परिसर के बाहर दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. उनकी आय पूरी तरह ठप हो गई है. कई परिवार ऐसे हैं जिनकी आजीविका का एकमात्र साधन यही फुटकर दुकान थी. रोज कमाने और रोज खाने वाले इन परिवारों के सामने अब घर चलाना मुश्किल हो गया है. दुकानदारों की समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता आशु पांडे आगे आए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार के कई रेलवे स्टेशनों के बाहर फुटकर दुकानदार वर्षों से अपनी दुकान लगाकर जीवनयापन कर रहे हैं. लेकिन कटिहार में रेल प्रशासन का रवैया गरीबों के हित में नहीं दिख रहा है. उन्होंने मांग की कि या तो इन दुकानदारों को पूर्व की तरह दुकान लगाने की अनुमति दी जाय या फिर उनके लिए कोई वैकल्पिक स्थान निर्धारित किया जाय. ताकि वे सम्मानपूर्वक अपनी रोजी-रोटी कमा सकें. रात्रि के समय कई ट्रेनें कटिहार स्टेशन पर रुकती हैं. उस समय दुकानें बंद रहने से स्टेशन के बाहर का इलाका सुनसान हो जाता है. जिससे यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है. उन्होंने रेल प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र समाधान निकालने की अपील की है. मौके पर दुकानदार धर्मेंद्र, सूरज, जीतन शाह, शवाब खान, राज सोनकर, पप्पू आलम, तालिब, छोटू, आफताब आलम, मंगेश पोद्दार, उत्तम पासवान, गोपाल चौहान, जीवन चौहान आदि दुकानदार उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAJKISHOR K

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >