कटिहार बिहार विधानसभा के चालू बजट सत्र में पूर्व उप मुख्यमंत्री सह विधायक तारकिशोर प्रसाद ने अपने ध्यानाकर्षण सूचना से सदन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया की बिहार राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं एवं ग्राम कचहरी के जनप्रतिनिधियों को पूर्व से देय नियत मासिक भत्ता में 01 जुलाई 2025 के प्रभाव से डेढ़ गुना वृद्धि की गई है जबकि उस अनुपात में स्थानीय नगर निकाय के वार्ड पार्षद का नियत भत्ता क्रमशः नगर निगम के वार्ड पार्षद को 2500. नगर परिषद के वार्ड पार्षद को 1500 रुपया तथा नगर पंचायत के वार्ड पार्षद को 1000 वित्तीय वर्ष 2015-16 से यथावत है जो न्यायोचित नहीं है. उन्होंने कहा कि इस अंतराल में महंगाई काफी बढ़ी है. निर्वाचित वार्ड पार्षदों को भी पंचायती राज के आधार पर नियत भत्ता में सरकार सम्मानजनक वृद्धि करें. पूर्व उप मुख्यमंत्री के ध्यानाकर्षण पर मंत्री ने अपने वक्तव्य में बताया कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 19 में मुख्य पार्षद, सशक्त स्थाई समिति के अन्य सदस्य तथा अन्य पार्षद ( राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर) यथा विहित पारिश्रमिक एवं भत्ते प्राप्त कर सकेंगे का उल्लेख है. विभागीय संकल्प संख्या 2523 दिनांक 19/5/2015 द्वारा राज्य के तीनों श्रेणियों के नगर निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए नियत ( मासिक) भत्ता की स्वीकृति प्रदान की गई है. राज्य के तीनों श्रेणियों के नगर निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए नियत ( मासिक )भत्ता वृद्धि का प्रस्ताव सरकार के समक्ष विचाराधीन है.
पार्षदों की भी नियत भत्ता में सरकार सम्मानजनक वृद्धि करें, विधायक
पार्षदों की भी नियत भत्ता में सरकार सम्मानजनक वृद्धि करें, विधायक
