कुरसेला में रेल ढालों पर खत्म होगी जाम की समस्या, सीओ और रेलवे अधिकारियों ने ओवरब्रिज निर्माण के लिए किया सर्वेक्षण

कटिहार जिले के कुरसेला में रेलवे समपार ढालों पर लगने वाले भीषण जाम और आवागमन की समस्या को दूर करने के लिए रेलवे प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है. सीओ और रेलवे अधिकारियों ने तीनघरिया, मजदिया और देवीपुरी ढालों का निरीक्षण कर भूमि सर्वेक्षण किया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को वर्षों पुरानी समस्या से मुक्ति की आस जगी है.

कटिहार जिले के कुरसेला रेलवे स्टेशन से जुड़े समपार ढालों (Level Crossings) पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम और आवागमन की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए रेलवे प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है. शनिवार को रेलवे के कनीय अभियंता और अंचलाधिकारी (सीओ) अनुपम कुमारी ने संयुक्त रूप से तीनघरिया, मजदिया और देवीपुरी रेल समपार ढालों का स्थल निरीक्षण कर विस्तृत भूमि सर्वेक्षण किया.

ढालों की भौगोलिक स्थिति और ट्रैफिक दबाव का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान रेल और अंचल अधिकारियों ने तीनों समपार ढालों की वर्तमान स्थिति, आसपास की आबादी और सड़क यातायात के दबाव का बारीकी से अध्ययन किया.

इसके साथ ही ओवरब्रिज या अंडरपास निर्माण के लिए रेलवे की उपलब्ध भूमि, सीमांकन और संभावित अतिक्रमण की स्थिति की भी गहन पड़ताल की गई.

तीनघरिया ढाला पर फ्लाईओवर निर्माण अति आवश्यक

जांच टीम की समीक्षा में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई कि तीनघरिया रेल समपार पर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही सबसे अधिक है:

  • भीषण जाम की समस्या: मुख्य बाजार के समीप होने और तीनघरिया व खेरिया गांवों की बड़ी आबादी का मुख्य मार्ग होने के कारण ट्रेन आने पर यहां लंबा जाम लग जाता है.
  • बाढ़ के कारण अंडरपास संभव नहीं: अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके में हर साल बाढ़ और जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. ऐसे में यहां अंडरपास बनाना तकनीकी रूप से व्यावहारिक नहीं है, इसलिए फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) का निर्माण ही एकमात्र स्थायी समाधान है.

मजदिया और देवीपुरी समपार ढालों की स्थिति

निरीक्षण टीम ने अन्य दो ढालों की स्थिति की भी समीक्षा की:

  • मजदिया ढाला: यहां भी बाढ़ के पानी के कारण जलजमाव की समस्या रहती है, जिससे अंडरपास निर्माण में तकनीकी अड़चनें हैं. अधिकारियों ने तीनघरिया और मजदिया के बीच एक संयुक्त फ्लाईओवर बनाने के विकल्प पर भी विचार किया है.
  • देवीपुरी ढाला: इस स्थान पर अंडरपास (Underpass) का निर्माण आसानी से किया जा सकता है, जिस पर तकनीकी टीम ने सहमति जताई है.

स्वीकृति के लिए सोनपुर रेल मंडल को भेजी जाएगी रिपोर्ट

मामले की जानकारी देते हुए सीओ अनुपम कुमारी ने बताया कि तीनों समपार ढालों के भौतिक निरीक्षण और भूमि सर्वेक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, जिसे शीघ्र ही सोनपुर रेल मंडल (Sonpur Railway Division) के उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा.

मंडल स्तर से मंजूरी मिलते ही ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण की दिशा में धरातल पर काम शुरू हो जाएगा. सर्वेक्षण के बाद स्थानीय ग्रामीणों में वर्षों पुरानी इस समस्या के समाधान की आस जगी है.


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लेखक के बारे में

By अजीत ठाकुर

अजीत ठाकुर प्रिंट माध्यम में 28 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कुरसेला (कटिहार) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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