KATIHAR: शैक्षणिक सत्र नियमित करने को पूर्णिया विश्वविद्यालय ने रद्द किया ग्रीष्मकालीन अवकाश, 23 मई से 21 जून तक चलेंगी कक्षाएं

उक्त अवधि में सभी शिक्षकों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की गई है. अत्यावश्यक कार्य होने पर शिक्षक अपने पूर्ण आवासीय पते के साथ सक्षम प्राधिकार को सूचना देकर अल्पावधि के लिए मुख्यालय से बाहर जा सकते हैं.

कटिहार से सरोज कुमार की रिपोर्ट:

कटिहार: शिक्षा विभाग बिहार सरकार एवं राज्यपाल सचिवालय, पटना से प्राप्त निर्देश के आलोक में पूर्णिया विश्वविद्यालय ने छात्रहित में 23 मई से 21 जून तक का ग्रीष्मकालीन अवकाश रद्द कर दिया है. कुलसचिव डॉ अखिलेश कुमार ने 12 मई को पत्र जारी कर यह जानकारी दी.

विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र को नियमित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. उक्त अवधि में सभी शिक्षकों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा की गई है. अत्यावश्यक कार्य होने पर शिक्षक अपने पूर्ण आवासीय पते के साथ सक्षम प्राधिकार को सूचना देकर अल्पावधि के लिए मुख्यालय से बाहर जा सकते हैं.

अतिथि शिक्षकों की कक्षाएं रहेंगी स्थगित

कुलसचिव ने बताया कि ग्रीष्मावकाश के दौरान अतिथि शिक्षकों द्वारा वर्ग संचालन स्थगित रहेगा. हालांकि इस अवधि में विश्वविद्यालय की पूर्व निर्धारित सभी परीक्षाएं नियमित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी. परीक्षा संचालन के लिए संबंधित सभी शिक्षकों को आवश्यकतानुसार उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा.

इग्नू परीक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश

इग्नू अध्ययन केंद्र संचालित महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिया गया है कि वे उक्त अवधि में इग्नू परीक्षाओं के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर लें, ताकि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित परीक्षाओं का संचालन किसी प्रकार से प्रभावित न हो.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >