हसनगंज प्रखंड के बलुआ पंचायत सरकार भवन में ई-केवाईसी एवं फार्मर रजिस्ट्री को लेकर आयोजित शिविर में कागजातों की मिसमैचिंग किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है. लगातार शिविर लगने के बावजूद दर्जनों किसानों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है. शिविर में पहुंचे किसानों के आधार कार्ड, भूमि दस्तावेज, बैंक खाता एवं अन्य कागजात आपस में मेल नहीं खाने के कारण आवेदन अटक जा रहे हैं. किसानों ने कहा, नाम की वर्तनी में अंतर, पिता के नाम की त्रुटि, खाता संख्या या खेसरा विवरण में मामूली गलती के चलते उन्हें बार-बार शिविर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. इससे समय और पैसे दोनों की क्षति हो रही है. दूर-दराज से आए कई किसान निराश होकर लौटने को मजबूर हैं. किसानों ने मौजूदा सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि कागजात मिसमैचिंग के समाधान के लिए वैकल्पिक और सरल व्यवस्था की जाय. ताकि तकनीकी कारणों से कोई भी किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे. ऑन-द-स्पॉट सुधार, विशेष काउंटर तथा सुधार के लिए अतिरिक्त समय देने की भी मांग रखी है. शिविर में मौजूद कृषि समन्वयक चंदन कुमार, अंचल निरीक्षक आकाश कुमार वर्मा व किसान सहलाकर भास्कर विश्वास ने बताया कि मामूली मिसमैचिंग के कारण साइट पर अपलोड नहीं हो पा रहा है. कुछ किसानों के आधार कार्ड में पिता का नाम नहीं होने से भी समस्या आ रही है. समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है.
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