तीन नयी ट्रेनों के परिचालन को मिलेगी हरी झंडी कटिहार प्रधानमंत्री 15 सितंबर को पूर्णिया की धरती से सीमांचल वासियों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं. इस दिन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कटिहार रेल मंडल से तीन महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर ट्रेनों को जोगबनी, फारबिसगंज और अररिया से रवाना करेंगे. साथ ही अररिया गलगलिया नई रेल लाइन पर का भी शुभारंभ करेंगे. इस रेल लाइन पर प्रधानमंत्री फिलहाल एक जोड़ी मेल एक्सप्रेस ट्रेन को भी पूर्णिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर अररिया से रवाना करेंगे. अररिया गलगलिया नई रेल लाइन परियोजना का अनावरण और तीन जोड़ी नई एक्सप्रेस ट्रेन खुलने पर कटिहार रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अनूप कुमार सिंह ने बताया कि जोगबनी से दानापुर के लिये वाया पूर्णिया व सहरसा के रास्ते 26301 और 26302 एक जोड़ी नई वंदे भारत ट्रैन की शुरुवात की जायेगी. जोगबनी से दक्षिण भारत के इरोड स्टेशन के लिए भी 16601 और 16602 नम्बर की एक जोड़ी नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन समेत कटिहार से वाया पूर्णिया- अररिया व गलगलिया होते हुए सिलीगुड़ी के लिए एक नई एक्सप्रेस ट्रेन की इसी दिन शुभारंभ होगी. राजनीति गलियारों में पक्ष व विपक्ष में मची रहती श्रेय लेने की होड़ कटिहार रेल मंडल से नई ट्रेन का परिचालन या फिर नए स्टेशन पर ठहराव को लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के जनप्रतिनिधियों में इसका श्रेय लेने का होड़ सा लगा रहता है. बीते दिन पूर्व आजमनगर स्टेशन से ट्रेन को हरि झंडी दिखाने को लेकर कांग्रेस के नेता एवं भाजपा विधायक का मंच पर ही आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था. कांग्रेस उक्त ट्रेन के ठहराव का सारा श्रेय सांसद तारीक अनवर को दे रहे थे, तो दूसरी ओर भाजपा विधायक निशा सिंह ने इसका पुरजोर विरोध कर दिया. उसने कहा की क्षेत्र के विकास के लिए रेल मंत्री से मिलकर उन्होंने कटिहार वाशी को यह सौगात दिलाई है. कटिहार रेलवे स्टेशन इन दिनों रोड साइड स्टेशन का रुप ले रही है. जहां बीते एक दशक पूर्व कटिहार से कोसी के लिए कई ट्रेन परिचालित थी, लेकिन एक दो ट्रेन को छोड़ सभी ट्रेनों को बंद कर दिया गया है. इस और किसी जनप्रतिनिधि का भी ध्यान आकृष्ट नहीं हो पा रहा है. एक दशक पूर्व कटिहार से पटना एवं दिल्ली के लिए कई ट्रेन परिचालित थी. उन ट्रेनों का परिचालन पश्चिमबंगाल या फिर गुवाहाटी से होने लगा. ट्रेनों के बंद होने या फिर परिचालन इस क्षेत्र से हटा देने पर जनप्रतिनिधियों में कोई मलाल नहीं रहता है. जब नई ट्रेन या स्टेशन पर ठहराव स्वीकृत होती है तो, सभी जनप्रतिनिधि इसकी होड़ लेने को आगे आ जाते हैं.
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