कटिहार से सूरज गुप्ता की रिपोर्ट
Sahyog Shivir: कटिहार जिला अंतर्गत सुदूर ग्रामीण प्रक्षेत्र के आम नागरिकों को अपनी प्रशासनिक समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए अब जिला या अनुमंडल मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. सूबे के सामान्य प्रशासन विभाग और मुख्य सचिव से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आलोक में जिला पदाधिकारी (DM) आशुतोष द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक (SP) शिखर चौधरी ने एक बड़ा संयुक्त आदेश संधारित किया है. इसके तहत कल यानी 16 जून (मंगलवार) को जिले के सभी 16 प्रखंडों के चिन्हित एक-एक पंचायत (कुल 16 पंचायत) में भव्य ‘सहयोग शिविर’ की कड़ियां जोड़ी जाएंगी. इस विशेष लोक-कल्याणकारी मुहिम का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों को सुलभ तरीके से प्राप्त कर उनका समयबद्ध और प्रभावी निवारण सुनिश्चित करना है.
प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायतवार सजेगा दरबार
- नियमित संधारण का नियम: जारी संयुक्त आदेश के अनुसार, वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के अतिरिक्त अब प्रत्येक महीने के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को जिले की विभिन्न पंचायतों में क्रमिक रूप से ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाना है.
- अधिकारियों की मुस्तैदी: इन शिविरों के सफल संचालन, आवेदनों के डिजिटल संधारण और ऑन-स्पॉट निवारण के लिए प्रखंड और अंचल स्तर के मुख्य कप्तानों (बीडीओ, सीओ व थानाध्यक्ष) को पंचायत स्तर पर स्वयं मुस्तैद रहने का कड़ा निर्देश दिया गया है.
कल (16 जून) इन 16 पंचायतों में मुस्तैद रहेगा प्रशासनिक अमला; देखें पूरी सूची
| प्रखंड का नाम | चिन्हित पंचायत, जहां कल लगेगा शिविर |
| कटिहार व कोढ़ा | दलन पूर्वी पंचायत (कटिहार) एवं बावनगंज पंचायत (कोढ़ा) |
| कुरсеला व समेली | उत्तरी मुरादपुर पंचायत (कुरसेla) एवं चांदपुर पश्चिम पंचायत (समेली) |
| मनिहारी व मनसाही | बौलिया पंचायत (मनिहारी) एवं कुरेठा पंचायत (मनसाही) |
| बरारी व फलका | बरेटा पंचायत (बरारी) एवं गोविंदपुर पंचायत (फलका) |
| अमदाबाद व प्राणपुर | भवानीपुर खट्टी पंचायत (अमदाबाद) एवं दक्षिणी लालगंज पंचायत (प्राणपुर) |
| हसनगंज व डंडखोरा | जगरनाथपुर पंचायत (हसनगंज) एवं द्वाशय पंचायत (डंडखोरा) |
| कदवा व बारसोई | भर्री पंचायत (कदवा) एवं बासगांव पंचायत (बारसोई) |
| आजमनगर व बलरामपुर | आरिहाना पंचायत (आजमनगर) एवं बिजौल पंचायत (बलरामपुर) |
“सहयोग शिविर के माध्यम से सरकार सीधे जनता के द्वार पहुंच रही है. ग्रामीण क्षेत्रों के लोग दाखिल-खारिज, राशन कार्ड, पेंशन योजना, नली-गली, स्थानीय विवाद या विकास कार्यों से जुड़े अपने सुझाव और लिखित शिकायतें लेकर बिना किसी झिझक के कल अपने पंचायत शिविर में पहुंच सकते हैं.” — जिला प्रशासन कटिहार
सुझाव और शिकायत दर्ज कराने की खुली छूट; सुधरेगी जमीनी कड़ियां
शिविरों की कड़ियों में प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन को एक यूनिक ट्रैकिंग नंबर देकर संधारित किया जाएगा, ताकि उनके निष्पादन की साप्ताहिक समीक्षा खुद डीएम और एसपी स्तर से की जा सके. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि इससे बिचौलियों की कड़ियां टूटेंगी और आम जनता को सीधे न्याय मिल सकेगा.
