मनसाही
आजादी के 78 साल बाद भी मनसाही प्रखंड के कुरेठा पंचायत अंतर्गत पंचवर्गा गांव व गोबरा घाट के बीच कमला नदी पर पुल का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. बुधवार को दर्जनों ग्रामीणों ने नदी किनारे जमा होकर सरकार और नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया. जल्द पुल निर्माण की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि नदी के दोनों ओर पक्की सड़क बन चुकी है, पर बीच में कमला नदी बाधा बनी हुई है. पंचवर्गा से गोबरा घाट आने जाने के लिए लोगों को नाव या बांस के अस्थायी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है. हाट बाजार, स्कूल, कॉलेज और नमाज के लिए मस्जिद भी पंचवर्गा हाबर में ही है. हर रोज बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है. नाव दुर्घटना या बांस से फिसलकर गिरने का खतरा हर पल बना रहता है.चुनाव जीतने के बाद कोई सुध नहीं लेता
स्थानीय ग्रामीण सनाउल हक, अहसान, मजारूल, अब्दुल हुसैन, डॉ कलाम, मुख्तार सहित दर्जनों लोगों ने कहा कि चुनाव आते ही नेता वादे करते हैं, शिलान्यास की बात होती है. पर चुनाव जीतने के बाद कोई सुध नहीं लेता. पिछले 15 वर्षों से मनिहारी विधानसभा के विधायक मनोहर प्रसाद सिंह हैं. कई बार सांसद विधायक के पास समस्या रखी गई, पर समाधान नहीं हुआ. ग्रामीणों ने बताया कि गोबरा घाट में दर्जनों घर हैं. किसी की मौत हो जाए तो शव को नाव से पंचवर्गा कब्रिस्तान लाना पड़ता है या फिर फुलहारा होकर लंबा घूमकर ले जाना पड़ता है. इससे अंतिम संस्कार में भी दिक्कत होती है.बरसात में नदी उफान पर रहती है तो महीनों संपर्क कट जाता है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कमला नदी पर पुल नहीं बना तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे. ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि वोट की राजनीति से ऊपर उठकर इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और पुल निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराया जाए.
