सेमापुर सुखासन में एनआईए ने पांच घरों में की ताबड़तोड़ छापेमारी

सेमापुर सुखासन में एनआईए ने पांच घरों में की ताबड़तोड़ छापेमारी

– चेन्नई में काम करने गये युवक एकलाख को चेन्नई से किया गया गिरफ्तार परिवार वालों को गिरफ्तारी का यहां थमाया नोटिस सुखासन निवासी इकबाल को एनआईए की टीम ने घर से किया गिरफ्तार – छापेमारी के दौरान मोबाइल व सिमकार्ड किया जब्त – छापेमारी के लिए सुबह ही पहुंची थी एनआइए की टीम – चेन्नई जेल में बंद एकलाख की निशानदेही पर की गयी छापेमारी प्रतिनिधि, बरारी (कटिहार) देशभर में एनआईए की छापेमारी को लेकर पुलवामा व पाकिस्तान कनेक्शन की चर्चा अब सामने आ रही है. कटिहार जिला के बरारी प्रखंड के सेमापुर थाना क्षेत्र के सुखासन एवं दुर्गापुर के पांच घरों में एनआइए की रेड सोमवार को सुबह से दोपहर तक ताबतोड़ जारी रही. छापेमारी मुबारक, नूर, हाशिम, निजाम और इकबाल के घर में की गयी. छापेमारी के दौरान सुखासन निवासी इकबाल को एनआईए की टीम ने गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर चली गयी. छापेमारी के बाद एक बड़ी चर्चा स्थानीय स्तर पर सामने आयी कि गांव के ही युवक एकलाख जो चेन्नई में मजदूरी करता था पुलवामा अटैक के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था जो चेन्नई जेल में है. इस बीच कटिहार के सेमापुर थाना क्षेत्र के एकलाख के गांव के ही लोग जिसमें मुबारक, नूर आलम, हासिम, निजाम एवं इकबाल उसके संपर्क में थे. इसी कारण से इन लोगों के घरों में छापेमारी की गई. गांव के पूर्व मुखिया मुजीबुर रहमान ने एनआईए की रेड में दूसरी गिरफ्तारी की पुष्टि की है. मुतालिब को गुजरात के सूरत से एनआईए की टीम ने गिरफ्तार किया. सूरत से गिरफ्तार मुतालिब बरारी सेमापुर थाना क्षेत्र के बालूघाट का मूल रूप से निवासी है. मुतालिब के घर के लोगों को नोटिस देकर एनआईए ने गिरफ्तारी की पुष्टि की. मुतालिब के भाई इसराफिल ने बताया कि एनआईए की टीम सुबह से कई घंटे तक उनके घर में छापेमारी की. जांच के दौरान उनके घर से कोई चीज या दस्तावेज तो एनआईए की टीम ने अपने साथ नहीं लेकर गयी है पर गुजरात के सूरत में कपड़ा कढ़ाई का काम करने वाले उनके भाई मुतालिब को गुजरात के सूरत से ही आधिकारिक रूप से गिरफ्तार करने का एक नोटिस घर के लोग को दिया है. इसराफिल ने कहा, भाई पिछले दो सालों से गुजरात के सूरत में काम करता है. दो महीना पहले भी वो कटिहार आया था. अब उसकी गिरफ्तारी एनआईए के द्वारा क्यों की गई है. इसकी जानकारी नहीं है. नूर आलम ने बताया कि हम तो किसान हैं. छापेमारी में क्यों घर में घुसी टीम पता नहीं. पुराना मोबाईल जो दो साल से बंद पड़ा था एवं सीम साथ ले गयी. हमलोग का कोई लेना देना नहीं है. एनआईए की रेड के दौरान सेमापुर थानाध्यक्ष सहित भारी संख्या में पुलिस बल क्षेत्र में मौजूद रही. क्षेत्र में करीब सात घंटे की रेड से खलबली मची रही. रेड की सूचना में गांव सहित आसपास के लोग बड़ी संख्या में दूर से ही पता लगाने की कोशिश करते रहे. इस बीच कई तरह की चर्चा हो रही है.

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By RAJKISHOR K

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