– प्रशिक्षण प्राप्त कृषि सखियां दूसरे किसानों को करेंगी प्रशिक्षित कटिहार कृषि विज्ञान केन्द्र में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हो गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन के बाद प्रशिक्षित कृषि सखियों के बीच प्रमाण पत्र वितरण किया गया. इस अवसर पर वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ मृणाल वर्मा ने बताया कि प्राकृतिक खेती अंतर्गत कृषि सखियों को प्रशिक्षित किया गया है. अपने क्षेत्र में जाकर प्राकृतिक खेती के संबंध में दूसरे किसानों को प्रशिक्षित करने का काम करेंगी. जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत पहले चरण में कृषि सखियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. इसके बाद योजना से जुड़े अन्य किसानों को प्रशिक्षित किया जायेगा. उन्होंने रसायनों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती करने का आह्वान किया. सहायक निदेशक शष्य एवं प्रक्षेत्र मोना कुमारी ने कहा कि जीविका की दीदियों का चयन प्राकृतिक खेती को जिले में प्रसारित करने के लिए कृषि सखी के रूप में किया गया है. जिले में प्राकृतिक खेती को क्लस्टर में करने से किसान रसायन मुक्त उत्पाद का उत्पादन करेंगे. इससे इनको अतिरिक्त आय की भी प्राप्ति होगी. सहायक निदेशक रसायन इंद्रजीत कुमार मंडल ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन पर कृषि सखियों को जानकारी दी. साथ ही उन्होंने बायो रिसोर्स सेंटर, मिट्टी जांच एवं प्राकृतिक खेती के लाभ के संबंध में कृषि सखियों को जानकारी दी. कृषि वैज्ञानिक पंकज कुमार ने बीज उत्पादन के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने बीजामृत, ब्रह्मास्त्र निर्माण की प्रक्रिया के बारे बताया. कृषि वैज्ञानिक डॉ सुशील कुमार सिंह ने प्राकृतिक खेती अंतर्गत जीवामृत, घनजीवामृत निर्माण की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला. डीपीएमयू रौशन कुमार ने कृषि सखियों का किसानों के बीच महत्व एवं उनकी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला. इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र कटिहार के सभी कर्मी सहित विभिन्न प्रखंडों से चयनित कृषि सखियों की उपस्थिति रही. कार्यक्रम का संचालन कृषि वैज्ञानिक पंकज कुमार ने किया.
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