कोसी-गंगा के उफान से दियारा में बढ़ा बाढ़ का खतरा, फसलें डूबने की कगार पर, पलायन की तैयारी में पशुपालक

Kosi-Ganga Flood Update: नेपाल में भारी बारिश के कारण कोसी और गंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिससे किसान और पशुपालक चिंतित हैं.

Kosi-Ganga Flood Update: कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड में कोसी और गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने दियारा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है. निचले इलाकों में बाढ़ का फैलाव तेज हो गया है और खेती-किसानी पर इसका असर दिखने लगा है. किसानों को भदई फसलों और परवल की खेती के डूबने का डर सता रहा है. वहीं पशुपालक भी चारे की कमी और बढ़ते जलभराव के कारण मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं.

नेपाल की बारिश का असर, कोसी-गंगा दोनों उफान पर

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. दूसरी ओर गंगा नदी में भी लगातार पानी बढ़ने से दियारा क्षेत्र में बाढ़ का दायरा फैलता जा रहा है.

स्थानीय लोगों के अनुसार लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों में पानी भरना शुरू कर दिया है. यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में बाढ़ का प्रभाव और व्यापक हो सकता है.

भदई फसल और परवल की खेती पर मंडराया संकट

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है. दियारा क्षेत्र में लगी भदई फसलें पानी से घिरने लगी हैं. विशेष रूप से परवल की खेती करने वाले किसान सबसे अधिक चिंतित हैं, क्योंकि खेतों में पानी भरने से पूरी फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है.

किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो महीनों की मेहनत पानी में बह सकती है. इससे उनकी आय पर भी बड़ा असर पड़ेगा.

मौसमी नदियां भी भरने लगीं, गांवों तक पहुंच सकता है बाढ़ का पानी

बारिश के कारण क्षेत्र की छोटी नदियां और जलाशय भी तेजी से भर रहे हैं. जानकारों का मानना है कि यदि कोसी और गंगा का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो मौसमी नदियों का संपर्क मुख्य नदियों से जुड़ जाएगा.

ऐसी स्थिति बनने पर बाढ़ का पानी निचले भूभाग में बसे गांवों तक पहुंच सकता है, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित होने की आशंका है.

पशुपालकों के सामने चारे का संकट, पलायन की तैयारी

दियारा क्षेत्र में बाढ़ फैलने के साथ ही पशुओं के लिए हरे चारे का संकट गहराने लगा है. चारागाह पानी में डूबने से पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

कई परिवार मवेशियों को लेकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो दियारा में रहना मुश्किल हो जाएगा.

Kosi-Ganga Flood Update: आवागमन पर भी बढ़ा खतरा

गंगा नदी का फैलाव बढ़ने से दियारा क्षेत्र तक आने-जाने का रास्ता भी जोखिम भरा होता जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते पानी के कारण आवाजाही मुश्किल हो रही है.

लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर समय रहते राहत एवं बचाव के इंतजाम करेगा.

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लेखक के बारे में

अजीत ठाकुर प्रिंट माध्यम में 28 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कुरसेला (कटिहार) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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