Katihar RPF Rescue: यात्रियों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने कटिहार रेलवे स्टेशन से एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया. बच्ची समस्तीपुर से पाटलिपुत्र जाने के लिए निकली थी, लेकिन गलती से कटिहार आने वाली ट्रेन में सवार हो गई. रेल मदद पर सूचना मिलने के बाद आरपीएफ ने तत्काल तलाशी अभियान चलाया और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति (CWC) के सुपुर्द कर दिया.
रेल मदद की सूचना से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
आरपीएफ कमांडेंट के निर्देश पर कटिहार आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह के नेतृत्व में 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत स्टेशन परिसर में विशेष जांच अभियान चलाया गया.
आरपीएफ को रेल मदद (Rail Madad) के माध्यम से संदर्भ संख्या 2026071902387 पर सूचना मिली थी कि एक नाबालिग लड़की समस्तीपुर से पाटलिपुत्र जाने के लिए निकली थी, लेकिन गलत ट्रेन में बैठकर कटिहार पहुंच गई है.
कटिहार स्टेशन पर मिली नाबालिग बच्ची
सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ने कटिहार रेलवे स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर सघन तलाशी अभियान शुरू किया. जांच के दौरान टीम को संदिग्ध स्थिति में एक किशोरी मिली.
पूछताछ में उसने अपना नाम स्नेहा कुमारी (14 वर्ष) बताया. वह समस्तीपुर जिले के घोटन गांव की रहने वाली है. इसके बाद आरपीएफ उसे सुरक्षित आरपीएफ पोस्ट लेकर गई.
Katihar RPF Rescue: चाइल्ड लाइन और CWC को सौंपा गया
आरपीएफ ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उपलब्ध गवाहों की मौजूदगी में नाबालिग को आगे की कार्रवाई के लिए चाइल्ड लाइन और बाल कल्याण समिति (CWC) के सुपुर्द कर दिया.
अधिकारियों ने बताया कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
मानव तस्करी रोकने में मददगार बन रहा 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते'
आरपीएफ निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते रेलवे स्टेशनों पर भटकने वाले बच्चों को सुरक्षित बचाने और मानव तस्करी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि रेल मदद के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं पर आरपीएफ तेजी से कार्रवाई करती है, जिससे कई बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जा चुका है.
रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि यदि स्टेशन या ट्रेन में कोई बच्चा संदिग्ध या असहाय स्थिति में दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत रेल मदद 139 या नजदीकी आरपीएफ कर्मियों को दें.
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