कटिहार से नीरज की रिपोर्ट
NF Railway: कटिहार रेल मंडल सहित संपूर्ण पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के लिए मई का महीना व्यापारिक और आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद शानदार रहा है. देश के पूर्वोत्तर राज्यों और सीमावर्ती इलाकों में विकास कार्यों तथा औद्योगिक गतिविधियों में आई तेजी के बीच रेलवे ने माल ढुलाई नेटवर्क में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है. मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) कपिंजल किशोर शर्मा द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रेलवे ने मई के दौरान कुल 1.033 मिलियन टन (MT) माल की रिकॉर्ड लोडिंग दर्ज की है. माल परिवहन के इस आधुनिकीकरण और गति ने न केवल क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को सुदृढ़ किया है, बल्कि रेलवे के राजस्व (कमाई) में भी ऐतिहासिक कड़ियों को जोड़ा है.
सीमेंट लोडिंग में 231.3% की रिकॉर्ड वृद्धि; देखें सभी सामग्रियों का रिपोर्ट कार्ड
मई महीने के दौरान बुनियादी ढांचे के निर्माण और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी सामग्रियों की मांग में भारी इजाफा देखा गया, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- सीमेंट परिवहन (Cement): निर्माण कार्यों में आई तेजी के कारण इस श्रेणी में पिछले साल के मुकाबले सबसे बड़ी और असाधारण 231.3% की वृद्धि दर्ज की गई है.
- बांस की ढुलाई (Bamboo): ‘अन्य’ व्यापारिक सामग्रियों के तहत बांस की लोडिंग में 142.9% का भारी उछाल देखा गया, जो कागज मिलों और कुटीर उद्योगों के मजबूत नेटवर्क को दर्शाता है.
- डोलोमाइट लोडिंग (Dolomite): स्टील और अन्य धातुकर्म उद्योगों के लिए जरूरी डोलोमाइट के परिवहन में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 31.1% की बढ़त हुई है.
- पेट्रोलियम उत्पाद (POL): ऊर्जा और परिवहन की कड़ियों को निर्बाध रखने के लिए पेट्रोलियम ऑयल और लुब्रिकेंट्स (Petroleum Oil & Lubricants) की लोडिंग में भी 12.5% का अच्छा-खासा इजाफा हुआ है.
औद्योगिक प्रगति का संकेतक बनी माल ढुलाई; बढ़ा रेलवे का राजस्व
आर्थिक गति को संबल: “माल ढुलाई के आंकड़ों में यह निरंतर बढ़ोतरी पूर्वोत्तर भारत और बिहार के सीमांचल क्षेत्रों में तेजी से पैर पसार रही आर्थिक और औद्योगिक प्रगति का सीधा प्रमाण है.”
रेलवे के वाणिज्यिक विंग के अधिकारियों के अनुसार, माल ढुलाई की इन कड़ियों से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:
- राजस्व में बड़ा मुनाफा: इस बंपर लोडिंग के कारण पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के खजाने में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे आगामी यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए अतिरिक्त बजटीय संबल मिलेगा.
- बाजारों को समय पर आपूर्ति: कटिहार सनौली और कुमेदपुर जैसे महत्वपूर्ण रेलखंडों पर दोहरीकरण का कार्य समय पर पूरा होने से मालगाड़ियों (Freight Trains) के परिचालन समय में कमी आई है, जिससे कोयला, सीमेंट और खाद्यान्न मंडियों तक तेजी से पहुंच रहे हैं.
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आगामी महीनों के लिए तकनीकी सुधारों पर जोर; CPRO ने साझा किया विजन
एनएफ रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि रेलवे प्रशासन आगामी महीनों में भी माल परिवहन की इस विकास दर को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसके लिए माल शेडों (Goods Sheds) का आधुनिकीकरण, वैगनों की त्वरित उपलब्धता और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी ग्राहक अनुकूल माल परिवहन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
तकनीकी सुधारों और संचालन दक्षता (Operational Efficiency) को बढ़ाकर मालगाड़ियों की औसत रफ्तार को और दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि व्यापारियों को कम लागत में सुरक्षित परिवहन का विकल्प मिल सके और रेलवे का यह शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहे.
