KATIHAR: झमाझम बारिश के बाद कटिहार में बिजली संकट, कई इलाकों में आपूर्ति ठप, पानी की किल्लत बढ़ी

शहर में अधिकांश घरों में बिजली मोटर के जरिए पानी टंकियों में भरा जाता है. बिजली गुल रहने के कारण टंकियां खाली हो गई हैं, जिससे लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है.

कटिहार से राज किशोर चौरसिया की रिपोर्ट:

कटिहार: रात भर हुई झमाझम बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में सुबह से ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है. बिजली गुल होने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है और लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.

शहर के न्यू मार्केट, अनाथालय रोड, दुर्गा स्थान चौक, अमला टोला, गामी टोला, ड्राइवर टोला सहित कई इलाकों में सुबह से बिजली बाधित है. इसके चलते घरेलू कामकाज से लेकर छोटे व्यवसायों तक पर असर पड़ा है.

टंकियों का पानी खत्म, दिनचर्या प्रभावित

शहर में अधिकांश घरों में बिजली मोटर के जरिए पानी टंकियों में भरा जाता है. बिजली गुल रहने के कारण टंकियां खाली हो गई हैं, जिससे लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है.

मोबाइल चार्ज न हो पाने से संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हुई है. बच्चों की पढ़ाई और रसोई से जुड़े कार्य भी बाधित हो गए हैं.

फॉल्ट और तार टूटने से आपूर्ति बाधित

बिजली विभाग के अनुसार तेज बारिश और हवा के कारण कई स्थानों पर फॉल्ट और तार टूटने की घटनाएं हुई हैं. बारिश के चलते मरम्मत कार्य में भी दिक्कतें आ रही हैं.

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि टीमें लगातार फॉल्ट ढूंढकर मरम्मत कार्य में जुटी हैं. प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और जलापूर्ति केंद्रों की बिजली बहाल की जा रही है. हालांकि पूरे शहर में आपूर्ति सामान्य होने में समय लग सकता है.

प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने और सहयोग करने की अपील की है.

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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