कटिहार माह-ए-मुबारक रमज़ान की आमद के पेश-ए-नजर इस्तकबाल-ए-रमजान के शीर्षक से एक कार्यक्रम शहर की मिलन चौक मस्जिद में आयोजित किया गया. जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया तथा बिहार यूथ ऑर्गनाइजेशन कटिहार इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ. शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ दर्स-ए-क़ुरआन से हुआ. जिसे हाफ़िज़ शुऐब अख़्तर ने प्रस्तुत किया. उन्होंने क़ुरआन की रोशनी में तकवा, सब्र और आत्ममंथन के महत्व पा प्रकाश डालते हुए रमज़ान को आध्यात्मिक प्रशिक्षण का श्रेष्ठ अवसर बताया. मुख्य अतिथि जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, बिहार के सचिव हलका जनाब निसार अहमद उपस्थित रहे. अन्य वक्ताओं में कमरुल हसन, उमर मुर्शिद, आफताब आलम, हाफ़िज़ शुऐब, अबुल कलाम आज़ाद, अनवर साहिल, अयूब आज़ाद और सिराजुद्दीन भी अपने वक्तप रखा.
इस्तकबाल-ए-रमज़ान में रोजा, तकवा, समाज-सुधार पर जोर
इस्तकबाल-ए-रमज़ान में रोजा, तकवा, समाज-सुधार पर जोर
