कटिहार शहर में बुडको के द्वारा कराये जा रहे ड्रेनेज सिस्टम कार्य लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बन गया है. शहर में ड्रेनेज नाला बनाने के लिए पूरे शहर के सड़कों का बुरा हाल कर दिया गया है. बुडको की इस कार्य प्रणाली से तंग आकर शहर के महमूद चौक पर स्थानीय निवासियों ने शनिवार को बुडको के खिलाफ जमकर विरोध जताया. लोगों ने कहा कि महमूद चौक से डीएस कॉलेज जाने वाली सड़क हो या शहर का कोई भी सड़क हर तरफ बस निर्माण कार्य को लेकर बड़ा-बड़ा गड्ढा कर दिया और काम कछुए की गति से कराया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय सचिव अजय कुमार साह भी स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आवाज बुलंद किए. संगठन के राष्ट्रीय सचिव अजय साह ने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षो से बुडको का कार्य ड्रेनेज सिस्टम बनाने को चल रहा है. यह काम कब पूरा होगा यह किसी को नहीं पता है. इसके निर्माण कार्य को लेकर शहर के निवासी रोजाना परेशान हो रहे हैं. इस पर ना तो जिला प्रशासन का कोई जोर चल रहा है और न ही कोई जनप्रतिनिधि इस मामले में अपना हस्तक्षेप कर रहे हैं. बुडको को के द्वारा किया जा रहा कार्य लोगों के लिए सर का दर्द बन गया है, राष्ट्र सचिव साह ने कहा कि बड़ी दुर्गा स्थान मंदिर के पास भी सड़क को बंद कर दिया गया है जबकि नवरात्र प्रारंभ होने वाला है, श्रद्धालु रोज मां दुर्गा के मंदिर पूजा के लिए जाएंगे, लेकिन श्रद्धालुओं की परेशानी को समझने वाला कोई नहीं है. रात में 12:00 बजे जेसीबी लगाकर खोद देते हैं बड़े-बड़े गड्ढे, विरोध जाता रहे महमूद चौक के स्थानीय निवासी एनुअल अंसारी ने कहा कि रात के 12:00 बजे एक बजे बड़े-बड़े मशीन लगाकर गड्ढा कर देते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और विभाग की मिली भगत से गढढा किश्स गया मिट्टी को रात के अंधेरे में बेचा जा रहा है. कहा, रात के अंधेरे में आते हैं और घर के नीव के पास से गड्ढा खोद देते हैं, ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. कहा कि मेरे घर के आगे मेरी पर्सनल जमीन है, जिसे अधिग्रहण तो नहीं किया गया लेकिन उन पर ड्रेनेज बनाया जा रहा है. न्यायालय में मामला भी दर्ज कराया गया है. घर से सटाकर जमीन नहीं खोदा जाये. 50 हजार रु की डिमांड भी किए हैं, स्थान निवासी शेख अब्दुल ने कहा कि महमूद चौक पर कई महीनो से ड्रेनेज का कार्य किया जा रहा है जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है, सुबह 8:00 बजे से लेकर रात के 8:00 तक हमेशा यहां जाम की समस्या बनी रहती है कॉलेज जाने के लिए छात्र-छात्राएं काफी परेशान होते हैं. संतोष कुमार गुप्ता, आसिफ, तबरेज आलम, शेख अब्दुल, हसन आलम, शाहनवाज हुसैन, वारिस आदि उपस्थित थे.
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