मनसाही प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन सभागार में मंगलवार को उर्वरकों का संतुलित उपयोग व समेकित उर्वरक प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए. केवीके वैज्ञानिक सुशील कुमार ने किसानों को यूरिया, डीएपी समेत अन्य उर्वरकों के सही इस्तेमाल की जानकारी दी. उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग मृदा स्वास्थ्य को खराब कर रहा है. फसल और मिट्टी की जांच के अनुसार ही उर्वरक की मात्रा तय करनी चाहिए. बीएओ अभिषेक कुमार ने कहा कि जरूरत से ज्यादा उर्वरक डालने से खेती की लागत बढ़ती है और मिट्टी के साथ-साथ पूरे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है. संतुलित उपयोग से खेती फायदेमंद और टिकाऊ बनेगी. बीएओ अभिषेक कुमार के अलावा प्रखंड समन्वयक मनीष कुमार, अरविंद कुमार, डाटा ऑपरेटर मंजर आलम, लिपिक जीवन कुमार, किसान सलाहकार अनिल कुमार, रंजीत कुमार, जमील अख्तर समेत अन्य कृषि विभाग के कर्मी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे.
अधिक उर्वरक डालने से मिट्टी व पर्यावरण पर पड़ता है बुरा असर
अधिक उर्वरक डालने से मिट्टी व पर्यावरण पर पड़ता है बुरा असर
