Encroachment: कटिहार. नगर निगम प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा निगम क्षेत्र में समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है. सड़क किनारे अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन सरकारी भूमि पर बने स्थायी अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई नहीं होने से लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसा ही मामला नगर निगम के वार्ड संख्या-2 स्थित विजय नगर का सामने आया है.
एसडीएम के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार न्यायालय अनुमंडल दंडाधिकारी, कटिहार में वाद संख्या पी/157/2019 के तहत दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 के अंतर्गत सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया गया था. इसके बाद 9 मई 2026 को संबंधित पक्षों को चार दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का अंतिम नोटिस जारी किया गया था. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्रशासन बलपूर्वक अतिक्रमण हटाएगा तथा कार्रवाई का खर्च संबंधित अतिक्रमणकारियों से वसूला जाएगा.
दो माह बाद भी स्थिति जस की तस
स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश जारी होने के करीब दो माह बाद भी मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण यथावत बना हुआ है, जिससे लोगों को प्रतिदिन आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
संकरी सड़क से बढ़ रही परेशानी
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है. इससे पैदल राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के आवागमन में परेशानी होती है. कई बार जाम जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, जिससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त कठिनाई उठानी पड़ती है.
प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं और जनता दरबार में भी मामला उठाया गया. इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया. आदेश की प्रति नगर निगम, अंचलाधिकारी और नगर थाना को भी भेजी गई थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
लोगों ने शीघ्र कार्रवाई की मांग की
Encroachment: स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से सार्वजनिक रास्ते को अविलंब अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है. उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश का समयबद्ध पालन होना चाहिए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.
