कटिहार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन की ओर से बुधवार को डीएम से मिलकर कटिहार में रोजगार सृजन और बंद पड़ी औद्योगिक मिलों को चालू कराने की मांग की गयी. संगठन के राष्ट्रीय सचिव अजय कुमार साह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने न केवल डीएम से मुलाकात की बल्कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय उद्योग मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा. राष्ट्रीय सचिव अजय कुमार साह ने कहा, कटिहार जिला एक समय औद्योगिक दृष्टिकोण से ऐतिहासिक पहचान रखता था. यहां स्थापित कटिहार जूट मिल और स्वतंत्रता जूट मिल ने लाखों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया था. अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित ये मिले लंबे समय तक बिहार और देश की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान देती रही. पर प्रबंधन की लापरवाही व सरकारी उपेक्षा के कारण दोनों मिले वर्षों से बंद पड़ी हैं. मिलों के बंद होने से हजारों मजदूर बेरोजगार हो गये. किसान अपनी उपज का उचित लाभ नहीं पा रहे. मजदूर पलायन करने को मजबूर हैं. बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है. जिला अध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह, अमित नारायण, असेश्वर गुप्ता, जुनैद खान, श्याब खान, बसरुद्दीन, सुल्तान आलम, मसूद राजा खान, राजेश भगत, शंकर पोद्दार, वीरेंद्र कुमार सिंह, मोहन गुप्ता, नारायण सिंह, दिनेश शर्मा आदि उपस्थित थे.
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