चार साल बाद अनुकंपा पर मिली नौकरी, डीएम ने सौंपा नियुक्ति पत्र

कटिहार में अनुकंपा के आधार पर एक पुत्र को सरकारी नौकरी मिली है। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने शनिवार को आदित्य कुमार को समाहरणालय में नियुक्ति पत्र सौंपा। यह नियुक्ति उनके दिवंगत पिता की सेवाकाल में मृत्यु के बाद हुई है।

कटिहार : सेवाकाल के दौरान पिता के निधन के चार वर्ष बाद उनके पुत्र को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिल गई. जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने शनिवार को आदित्य कुमार को समाहरणालय में निम्न वर्गीय लिपिक के पद का नियुक्ति पत्र सौंपा.

अनुकंपा समिति की बैठक में हुआ निर्णय

जानकारी के अनुसार 13 जून 2026 को आयोजित जिला अनुकंपा समिति की बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक अहर्ताएं पूरी पाए जाने पर आदित्य कुमार की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई. उन्हें वेतन स्तर-02 (₹19,900-63,200) तथा सरकार द्वारा समय-समय पर देय भत्तों के साथ औपबंधिक नियुक्ति दी गई है.

पिता की 2022 में हुई थी सेवाकाल में मृत्यु

आदित्य कुमार, डहेरिया चौक निवासी स्वर्गीय सतीश कुमार रजक के पुत्र हैं. उनके पिता अंचल कार्यालय कटिहार में लिपिक के पद पर कार्यरत थे और 5 फरवरी 2022 को सेवाकाल के दौरान उनका निधन हो गया था. इसके बाद आदित्य कुमार ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया था.

13 जुलाई तक देना होगा योगदान

जिला प्रशासन ने नियुक्ति पत्र में स्पष्ट किया है कि आदित्य कुमार को 13 जुलाई 2026 तक जिला स्थापना शाखा, कटिहार में योगदान देना होगा. निर्धारित तिथि तक योगदान नहीं देने पर नियुक्ति स्वतः रद्द मानी जाएगी. योगदान के समय मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा.

भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाने का होगा शपथ पत्र

नियुक्ति की शर्तों के अनुसार आदित्य कुमार को शपथ पत्र देना होगा कि वह अपने स्वर्गीय पिता के सभी आश्रितों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाएंगे. साथ ही भविष्य में किसी भी प्रमाण-पत्र के फर्जी पाए जाने पर उनकी नियुक्ति रद्द कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

सूरज कुमार गुप्ता पिछले 25 वर्षों से प्रिंट मीडिया में एक्टिव है. वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत की. राजनीतिक व सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर पत्रकारिता करना इनकी रुचि में शामिल है. सामाजिक कार्यो में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2007 में इन्हें भारत सरकार की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया था.

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