फलका पिछले एक पखवाड़े से अचानक बढ़ी भीषण गर्मी ने प्रखंड सहित पूरे इलाके में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. मंगलवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. आमलोग ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बच्चे भी इस तपिश की मार झेलने को मजबूर हैं. चल रही लू ने हालात को और गंभीर बना दिया है. भीषण गर्मी को देखते हुए डीएम ने लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरी काम के घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है. फलका प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहाल तेज धूप में आने-जाने को विवश हैं. प्रखंड क्षेत्र में संचालित 182 आंगनबाड़ी केंद्र मंगलवार को भी खुले रहे. हजारों बच्चे पढ़ाई के लिए पहुंचे. इन केंद्रों का संचालन सुबह 7 बजे से 11 बजे तक किया जा रहा है. कई बच्चों को एक से डेढ़ किलोमीटर तक की दूरी तय कर केंद्र पहुंचना पड़ता है. छुट्टी के बाद तपती धूप में सिर पर बैग और किताब रखकर घर लौटते बच्चों का दृश्य आम हो गया है. एक सेविका ने बताया कि विभाग की ओर से अब तक अवकाश का कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. इसलिए केंद्रों का संचालन जारी है. प्रखंड के सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ कई निजी स्कूल व कोचिंग संस्थान भी भीषण गर्मी के बावजूद खुले पाये गये. क्षेत्र में कई बच्चों के बीमार होने की भी सूचना मिल रही है. अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है. गर्मी का असर जलस्रोतों पर भी साफ दिखने लगा है. जलस्तर में गिरावट के कारण कई चापाकल व बांस बोरिंग से पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई है. जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, आगामी चार दिनों तक गर्मी और तेज रहने की संभावना है. बीडीओ सन्नी सौरव ने बताया कि तेज धूप व बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों के बीमार होने की सूचना मिल रही है. इस संबंध में वरीय पदाधिकारी को सूचना दी जा रही है. ताकि आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हो सके.
प्रचंड धूप व भीषण गर्मी से आंगनबाड़ी व विद्यालय के बच्चे बेहाल
प्रचंड धूप व भीषण गर्मी से आंगनबाड़ी व विद्यालय के बच्चे बेहाल
