तितवारी मदरसा कमरूल हौदा 1987 से कागजी तौर पर संचालित हो रहा है. यही नहीं भवन विहीन यह मदरसा पर एक ही परिवार के सदस्य कमेटी व शिक्षक बन कर ग्रामीणों व शिक्षा विभाग को गुमराह किया जा रहा है.
बरारी : प्रखंड के जगदीशपुर पंचायत के तितवारी मदरसा कमरूल हौदा 1987 से कागजी तौर पर संचालित हो रहा है. यही नहीं भवन विहीन यह मदरसा पर एक ही परिवार के सदस्य कमेटी एवं शिक्षक बन कर ग्रामीणों एवं शिक्षा विभाग को गुमराह किया जा रहा है. ग्रामीणों की लिखित शिकायत पर मदरसा बोर्ड सहित शिक्षा विभाग, अंचल कार्यालय से जांच में सूजापुर मौजा की थाना नंबर 196, खाता 806, खेसरा 1166, रकवा 18 डिसमिल में मकई लगा पाया गया.
जबकि वर्तमान में जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अनीश अख्तर द्वारा 25 जनवरी 2016 को मदरसा की स्थलीय जांच के दौरान ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की थी. लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी कटिहार से अविलंब जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है अन्यथा घेराव किया जायेगा. ग्रामीणों ने बताया कि मदरसा कमरूल हौदा तितवारी जगदीशपुर पंचायत में अवस्थित है. कमरूल हौदा मदरसा कमेटी के अध्यक्ष मो मसलेउद्दीन सचिव, मो जुल्लू रहमान हेड मौलवी, अकमल हुसैन काबिज हैं. सचिव मो जुल्लू रहमान वर्तमान में मदरसा हौदा कमेटी के सचिव भी हैं.
जगदीशपुर तितवारी गांव के ग्रामीण मो मनोवर हुसैन, मो शफीक, मो शरीफुल हक, सफीकूल, मो तौफीक, खुश मोहम्मद, अब्दुल मन्नान, अताउर रहमान, अख्तर अली, इनामुल हक सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बताया कि कमरूल हौदा को मदरसा में हाफिज पद पर नियुक्त किया गया. जिसमें उसका जन्म प्रमाण पत्र 02.03.1990 बताया है. जबकि बिहार बोर्ड परीक्षा के प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 13.03.1999 दिखाया गया है.
ग्रामीणों ने बताया कि एक ही परिवार के सदस्यों का कब्जा मदरसा कमरूल हौदा तितवारी में है. जब डीपीओ राजकुमारी द्वारा जांच की गयी तो उस वक्त सूजापुर की जमीन जो मदरसा पंजीयन में दर्ज है में बरारी अंचल पदाधिकारी की जांच प्रतिवेदन पत्रांक 107 दिनांक 7.2.2015 में स्पष्ट बताया गया है कि मौजा सूजापुर थाना नंबर 196, खाता 806, खेसरा 1166, रकवा 18 डिसमिल में मकई लगा पाया गया.
प्रतिवेदन शिक्षा विभाग को भेजा गया. गत वर्ष पूर्व मदरसा कमेटी द्वारा आनन-फानन में जोतराम राय मौजा की आठ डिसमिल पर मदरसा कच्ची टाटी का बनाकर चलाया जा रहा है. पांच सौ मीटर की दूरी पर सिक्कट मौजा की 10 डिसमिल जमीन जो मदरसा से दूर है. जबकि सरकार द्वारा बीस डिसमिल जमीन मदरसा के लिए आवश्यक है. ग्रामीणों ने आक्रोश हो बताया कि जांच के क्रम में अब तक डीइओ, डीपीओ, बीइओ, डीडब्लूओ, पीओ सहित पदाधिकारी ने जांच की. ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी कटिहार से जांच कराने की मांग की है.
