कटिहार : व्यवसायी लखन अग्रवाल की हत्या की वजह जमीन विवाद, रंगदारी या फिर अन्य वजह है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. लखन की पहचान प्राणपुर, लाभा, रोशना, कटिहार में एक सफल व्यवसायी व जमींदार के रूप में होती थी. प्राणपुर के महादेवपुर में लखन की प्लाइवुड की दुकान है.
जानकारी के अनुसार जिस जमीन पर मृतक लखन अग्रवाल ने दुकान खोली थी, उक्त जमीन के कई जमाबंदी व केवाला भी होने की बात सामने आयी है. मृतक अग्रवाल अपनी दुकान एक 1.50 एकड़ की प्लॉट में खोली थी, जिसके अन्य कई दावेदार भी खड़े हो गये, जो उक्त जमीन को अपनी जमीन कहते हैं. संभवत: यह मामला भी हत्या की वजह बन सकती है.
यह तो पुलिस की जांच का विषय है कि उक्त जमीन के खाता नंबर व खेसरा पर किसी अन्य के नाम पर जमाबंदी है अथवा नहीं है. बताते चलें कि प्राणपुर में लखन के पिता स्व विशेश्वर अग्रवाल एक बड़े जमींदार थे. उनकी रैयते में कितने लोग बसे और कितने बंटाईदारी में खेती कर रहे थे. जिसका अंदाजा कम ही लोग लगा पाते थे. 70 के दशक के बीच देश में सीलिंग लागू किया गया, वैसे जमींदार जिसके पास जरूरत से ज्यादा जमीन है उनकी जमीनों को अधिग्रहण करना शुरू किया.
यह जानकारी मिलते ही विशेश्वर व उनके पूर्वजों ने चुपचाप जमीन अपने बंटाईदार सहित अन्य जान-पहचान या घर में काम करने वालों के नाम कर दिया. जिस कारण इन लोगों की जमीन जिनके नाम से की गयी थी उन्हें जब पता चला तो जमीन पर कब्जा जमाने में जुट गये. जमीन के असल हकदार भी इस होड़ में लग गये कि अपनी जमीन को पुन: अपने या उनके परिजनों के नाम करवाया और फिर जमीन के कुछ हिस्सों को छोड़ शेष पर काबिज का प्रयास किया और कुछ में सफलता हाथ लगी और कुछ में निराशा. संभवत: 1.50 एकड़ दुकान वाली प्लॉट पर भी कुछ ऐसा ही मामला हो जिस कारण लखन अग्रवाल की हत्या की गयी हो.
