मामला मदरसा गरीब नवाज में अवैध बहाली का
कटिहार : कदवा प्रखंड अंतर्गत मदरसा गरीब नवाज शेखपुरा निस्ता मदरसा संख्या – 712 में मंगलवार को अवैध बहाली की जांच करने गयी जिलास्तर के पदाधिकारियों की टीम को मारपीट की स्थिति पैदा हो जाने के कारण बैरंग वापस होना पड़ा. इस मामले में टीम का नेतृत्व कर रहे जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना विद्यासागर सिंह ने बताया कि जिला पदाधिकारी के आदेश पर मंगलवार को मदरसा गरीब नवाज में फरवरी 2015 में हुए अवैध बहाली को लेकर जांच का कार्य निर्धारित था.
जिसमें संबंधित पक्षों को भी जानकारी दी गयी थी. जांच की जानकारी ग्रामीणों को भी थी एवं पूर्व एवं वर्तमान कमेटी के पदाधिकारियों को भी थी. बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण गरीब नवाज मदरसा एवं उसके आसपास उपस्थित थे. मदरसा गरीब नवाज में पुलिस प्रशासन भी मौजूद था. उन्होंने बताया कि जब जांच का क्रम चल रहा था.
इसी बीच में वर्तमान कमेटी के कुछ लोग तथा ग्रामीणों के बीच झड़प होने लगी. स्थिति यहां तक पहुंच गयी कि एक पक्ष दूसरे पक्ष को मार पीट करने को उतारू हो गये. श्री सिंह ने बताया कि चूंकि अवैध बहाली की जांच की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों को पूर्व से थी. इसलिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित थे. उन्होंने बताया कि वर्तमान कमेटी के सदस्य जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे थे. इधर दूसरी ओर कई आवेदकों का कहना था कि वर्तमान कमेटी के सदस्य जान-बूझ कर आपराधिक तत्वों का सहारा ले रहे हैं एवं निष्पक्ष जांच नहीं होना देना चाहते हैं.
ज्ञात हो कि मदरसा गरीब नवाज में पिछले वर्ष नियुक्ति को लेकर 11 फरवरी 2015 को साक्षात्कार की तिथि निर्धारित थी. जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे. आवेदकों का आरोप यह है कि वर्तमान कमेटी में रुपये लेकर अवैध बहाली कर लिया एवं फर्जी रूप से बैठक आयोजित कर अपने चहेते लोगों को बहाली कर लिया.
जबकि उक्त तिथि को किसी भी प्रकार का साक्षात्कार हुआ ही नहीं. इस मामले में पूर्व के सेवानिवृत्त प्रधान मौलवी मो जलालउद्दीन ने एक शपथ पत्र देकर यह भी कहा है कि 11 फरवरी 2015 को मदरसा गरीब नवाज में किसी भी प्रकार का साक्षात्कार का आयोजन कमेटी के द्वारा नहीं किया गया है. जांच के लिए गयी टीम को वापस बैरंग होने पर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है एवं पुन: निष्पक्ष जांच करने की मांग की है.
