वेश्यावृत्ति के धंधे में लिप्त सात को चार-चार वर्ष का सश्रम कारावास

कटिहार : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय द्वितीय सुभाष चंद्र प्रसाद की अदालत ने मंगलवार को वेश्यावृत्ति के धंधे में शामिल सात अभियुक्तों को दोषी पाये जाने पर चार चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. सभी अभियुक्तों को यह सजा अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धारा पांच के तहत दोषी पाये […]

कटिहार : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय द्वितीय सुभाष चंद्र प्रसाद की अदालत ने मंगलवार को वेश्यावृत्ति के धंधे में शामिल सात अभियुक्तों को दोषी पाये जाने पर चार चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. सभी अभियुक्तों को यह सजा अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धारा पांच के तहत दोषी पाये जाने पर सुनायी गयी है. अभियुक्तों को दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.

भुगतान नहीं करने की स्थिति में अभियुक्तों को छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. नगर थाने में 28 मार्च, 2004 को तत्कालीन अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी राजेश कुमार के फर्द बयान पर यह मामला दर्ज किया गया था. इसमें उन्होंने कहा था कि संध्या में गुप्त सूचना के आधार पर कुलीपाड़ा मोहल्ले में वेश्यावृत्ति के धंधे में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की गयी. छापेमारी के दौरान तत्कालीन नगर पार्षद वारिस हुसैन को भी साक्षी के रूप में रखा गया.
इस छापेमारी में सर्वप्रथम धंधे में शामिल मीना खातून तलाशी ली गयी. तत्पश्चात कई घरों में तलाशी लेकर वेश्यावृत्ति में शामिल आठ अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इस गिरफ्तारी में मीना खातून, संगीता खातून, नूरी खातून, कांति खातून, अनिल खलीफा, मुकेश कुमार, शमीम अख्तर, मंजू खातून को पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया था. विचारण के दौरान मंजू खातून की मृत्यु हो गयी. अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों का न्यायालय में परीक्षण कराया गया.

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