कटिहार : आग उगलती धूप व गरमी जिले वासियों को परेशान कर रही है. गुरुवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्यिसय रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहा. इसके कारण सुबह दस बजे से तेज धूप लोगों को परेशान कर दिया. तेज धूप के कारण लोग घरों में कैद होकर रह गये.
दोपहर में बाजार में सन्नाटा पसर गया. जबकि सड़कों पर काफी कम संख्या में वाहन चले. इस बीच सबसे अधिक परेशानी स्कूल बच्चों, मजदूर वर्ग के लोगों, ढेला, रिक्शा चलाने वाले, खेत में काम करने वाले किसान व मजदूरों को उठानी पड़ रही है. सदर अस्पताल में ज्यादातर मरीज लू लगने, दस्त, माथा में चक्कर आदि के पहुंच रहे हैं.
चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में धूप से बचने की अधिक जरूरत है. जरा सी लापरवाही किसी को भी बीमार बना सकता है. ले लगने का सबसे अधिक खतरा उत्पन्न हो गया है. तेज धूप व गरमी का असर सरकारी कार्यालयों पर भी पड़ रहा है.
समाहरणाल, विकास भवन, अनुमंडल कार्यालय, प्रखंड कार्यालय में दोपहर के बाद सन्नाटा पसर जा रहा है. हालांकि गरमी से राहत पाने के लिए लोग ठंडा पेय पदार्थ का सेवन जमकर रक रहे हैं. सरकारी कार्यालयों, चौक-चौराहों से लेकर हर गली मुहल्लों में ईख का जूस की बिक्री हो रही है. इसके साथ ही कोल्ड डिंक्स, सरबत, लस्सी आदि की भी बिकी खुब हो रही है.
बच्चों को लेकर अभिभावक भी चिंतित
शहर में संचालित निजी विद्यालयों का संचालन अब भी डे आवर में हो रहा है. जिसके कारण बच्चों को स्कूल से घर लौटने में तेज धूप व गरमी का सामना करना पड़ रहा है. इससे बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. लेकिन शिक्षा विभाग के पदाधिकारी व डीएम का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. सीमावर्ती जिला भागलपुर में डीएम ने निजी व सरकारी स्कूलों का संचालन सुबह 10.30 बजे तक करने का आदेश दिया है.
वहां के सभी विद्यालय अपने विद्यालय का संचालन सुबह 10.30 बजे तक कर रहे हैं. कटिहार में अब तक मॉर्निंग स्कूल भी नहीं हो सका है. बच्चों के अभिभावक परेशान है. उन्हें अपने बच्चों की चिंता सता रही है. चूंकि जिनको स्कूल संचालन में फेरबदल करने का अधिकार सरकार ने दे रखा है उन्हें बच्चों की परेशानी से कोई मतलब नहीं है.
