समेली : डीएम के निर्देश पर प्रखंड के आदर्श मवि डुमर का मंगलवार को बीइओ रामपुकार महतो ने औचक निरीक्षण किया. प्रात:कालीन सत्र में विद्यालयों की कागजी खानापूर्ति कर संचालन किया जा रहा है. जबकि आदर्श मध्य विद्यालयों में वर्ग एक से अष्टम तक के छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बहुत कम देखी गयी. विद्यालय में कुल 1073 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं.
मंगलवार को 421 बच्चे ही विद्यालय में उपस्थित पाये गये. विद्यालय में 14 शिक्षक-शिक्षिका हैं. जिसमें 12 शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित थी. एक मेडिकल व एक अवकाश पर थे. निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति कम रहने के कारण विद्यालय प्रधान को फटकार लगायी गयी.
निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्रा उपस्थित पंजी, शिक्षक उपस्थित पंजी, बाल पंजी, दैनिक एमडीएम पंजी, अभिभावक बैठक पंजी, विद्यालय दैनिक पाठ पंजी सहित संबंधित कागजात की जांच की गयी. बच्चों के अभिभावकों ने बीईओ से शिकायत किया कि नामांकन पंजी में बच्चों का नाम शुद्ध लेकिन उपस्थित पंजी में नाम अशुद्धि (गलत) लिखा जाता है.
प्रधानाध्यापक एवं वर्ग के शिक्षक द्वारा उपस्थित पंजी एवं मध्याह्न भोजन पंजी के साथ छेड़छाड़ किया गया है. विद्यालय में उपस्थित पंजी में कम ओर मध्याह्न भोजन पंजी में ज्यादा दिखाई जाती है. विद्यालय में पांच अप्रैल से मध्याह्न भोजन योजना बंद थी. एक महीने से बच्चों को मिड डे मील का भोजन नसीब नहीं हो रहा था.
जबकि बीईओ के निरीक्षण के एक दिन पहले 6 मई से एमडीएम शुरू की गयी. बीईओ ने रसोईघर में बन रहे एमडीएम की जांच की. जहां लकड़ी के जलावन से एमडीएम का भोजन बनाया जा रहा था. जबकि विद्यालय में दो गैस सिलिंडर सहित गैस चूल्हा दिया गया है. उसके बावजूद भी गैस से भोजन नहीं बनाया जा रहा है. गैस सिलिंडर का उपयोग नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
रसोई घर में बना हुआ चावल को रसोइया के द्वारा चापाकल पर धोया जा रहा था. जबकि शौचालय की दूरी नजदीक एवं शौचालय से दुर्गंध आ रहा था. पूर्व के वर्षो में इस विद्यालय से एमडीएम के चावल की चोरी हुई थी. जिसमें तत्कालीन बीडीओ राधवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने जांच कर बताया था कि प्रधानाध्यपक जयचंद मंडल व रसोइया की मिली भगत से चावल की चोरी की गई थी.
जिसकी सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने पड़कर शिक्षा विभाग को दी थी. जिसके वाद आज तक करवाई नहीं की गयी. विभागीय कार्रवाई के नाम पर मामला फाइलों में दब गयी. विद्यालय में विभागीय उदासीनता व लापरवाही के कारण विद्यालय की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है. जिससे पठन-पाठन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
शैक्षणिक सत्र का आरंभ अप्रैल माह से ही प्रारंभ हो गया है. मध्याह्न भोजन साधनसेवी अमित कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में चावल का आवंटन कर दिया गया था. बावजूद एमडीएम बंद था तो इस मामले की जबाबदेही प्रधानाध्यपक की है. एमडीएम बनाने के लिए दो गैस सिलिंडर व चूल्हा दिया गया है. गैस सिलिंडर से भोजन बनाना है. बल्कि लकड़ी का चूल्हा में नहीं बनाना है.
