कटिहार : जिले में आयी प्रलयंकारी बाढ़ प्राकृतिक आपदा नहीं है. बल्कि यह मानव निर्मित आपदा है. इस बार महानंदा तटबंध कई स्थानों पर टूटा है. इससे साफ जाहिर हो गया है कि जल संसाधन विभाग एवं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल इस मामले में पूरी तरह लापरवाह रहा है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व स्थानीय सांसद तारिक अनवर ने बुधवार को अपने आवास राष्ट्रवादी भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह बातें कहीं. उन्होंने कहा कि आम लोगों एवं मीडिया के माध्यम से यह बात सामने आती रही है कि महानंदा तटबंध कई जगह कमजोर है. बाढ़ पूर्व तैयारी जरूरी है.
पर इस दिशा में विभाग एवं स्थानीय प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाया. फलस्वरुप जिले की बड़ी आबादी बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर है. आधारभूत संरचना के ध्वस्त होने के साथ-साथ जान-माल की व्यापक क्षति हुई है. किसानों का फसल बर्बाद हो गया है. उन्होंने कहा के तटबंध टूटने के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए. श्री अनवर ने कहा कि तटबंध को लेकर विभागीय अधिकारी एवं अभियंता ने जिला प्रशासन को भी गुमराह किया है.
साथ ही इस मामले में जिम्मेदारी भी निर्धारित की जानी चाहिए. सांसद श्री अनवर ने कहा कि पिछले वर्ष आयी बाढ़ का मुआवजा राशि अब तक लोगों को नहीं मिला है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के क्रम में लोगों ने इस तरह की शिकायत की है. उन्होंने कहा कि किसानों की फसल को व्यापक क्षति हुई है. ऐसे में किसानों का कर्ज पूरी तरह माफ किया जाना चाहिए. साथ ही नई फसल लगाने के लिए किसानों को ब्याजरहित ऋण भी उपलब्ध कराना चाहिए. सांसद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलाया जा रहा राहत कार्य ऊंट के मुंह में जीरा है. जिन जिन क्षेत्रों में राहत शिविर चलाये जा रहे है. वहां भी व्यापक सुविधा नहीं है. एक टाइम का भोजन लोगों को मिल रहा है. शुद्ध पेयजल, शौचालय का घोर अभाव है.
