3 Boys Die While Making Reel : सोशल मीडिया पर फॉलोअर, लाइक और व्यू बढ़ाने की होड़ में युवाओं के बीच रील बनाने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. कुछ सेकेंड की वीडियो को वायरल कराने के लिए युवा कई बार चलती बाइक, सड़क और दूसरी खतरनाक जगहों पर वीडियो बनाते नजर आते हैं. लेकिन लोकप्रियता की यह होड़ कई बार जानलेवा साबित हो जाती है. मोहनिया थाना क्षेत्र के दुर्गावती मुख्य नहर पथ पर शुक्रवार को हुआ हादसा भी इसी खतरे की ओर इशारा करता है. रील बनाने के दौरान दो बाइक की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गयी.
दो बाइक पर सवार थे युवक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो बाइक एक साथ चल रही थीं और दोनों पर सवार युवक रील बनाने में लगे थे. इसी दौरान दोनों बाइक आपस में टकरा गयीं. टक्कर के बाद एक बाइक पर सवार तीन युवक बाइक समेत पानी भरे गड्ढे में जा गिरे. हादसा इतना भीषण था कि तीनों युवकों की मौत हो गयी.
मृतकों की पहचान बघिनी निवासी विकास कुमार (18), बिट्टू कुमार (19) और सकील राय उर्फ दिलकुश के रूप में हुई है. हादसे में तीन अन्य युवक भी घायल हुए हैं. सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने तीनों युवकों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
गांव में पसरा मातम, एक साथ उठी तीन अर्थियां
हादसे के बाद पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम पसर गया. मृतकों के घरों में चीख-पुकार मच गयी. एक साथ तीन युवकों की मौत से पूरा गांव गमगीन हो गया.
कुछ सेकेंड की रील के लिए जिंदगी जोखिम में
आज सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होना युवाओं के बीच लोकप्रियता का माध्यम बन गया है. अधिक व्यू, लाइक और कमेंट पाने की चाह में सामान्य जगहों के बजाय कई बार ऐसी जगहों पर वीडियो बनाये जाते हैं, जहां थोड़ी सी चूक भी जानलेवा हो सकती है.
चलती बाइक पर मोबाइल से वीडियो बनाना, तेज रफ्तार में शूटिंग करना, एक-दूसरे के बेहद करीब वाहन चलाना, पीछे बैठे व्यक्ति का मोबाइल से वीडियो बनाना या सड़क पर स्टंट करना हादसे का कारण बन सकता है. मोहनिया की घटना में भी रील बनाने के दौरान दो बाइक के टकराने की बात सामने आयी है.
रील बनाना अपराध नहीं, खतरनाक तरीके से बनाना बन सकता है कार्रवाई का कारण
सोशल मीडिया के लिए रील बनाना अपने आप में यातायात अपराध नहीं है. लेकिन रील बनाने के दौरान चालक मोबाइल हाथ में लेकर वाहन चलाता है, खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करता है, गलत तरीके से ओवरटेक करता है, तीन सवारी बैठाता है या हेलमेट समेत अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है.
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत खतरनाक ड्राइविंग कार्रवाई के दायरे में आती है. हैंडहेल्ड कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाना और ऐसी ड्राइविंग करना जो स्पष्ट रूप से खतरनाक हो, भी इस श्रेणी में आ सकता है.
थानाध्यक्ष बोले- जान पर खेलकर रील न बनाएं
इस संबंध में मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि रील बनाना कोई कानूनन अपराध नहीं है, लेकिन किसी खतरनाक स्टंट से रील बनाना गलत है. उन्होंने युवाओं से खासकर अपील की कि जान पर खेलकर रील न बनाएं. उन्होंने कहा कि जिंदगी सबसे जरूरी है.
चंद लाइक के लिए जिंदगी दांव पर न लगाएं
रील और सोशल मीडिया का क्रेज बढ़ रहा है, लेकिन कुछ सेकेंड के वीडियो के लिए सड़क पर खतरनाक स्टंट, तेज रफ्तार या चलती बाइक पर मोबाइल से वीडियो बनाना जानलेवा साबित हो सकता है. सुरक्षित तरीके से वीडियो बनाना ही जरूरी है. कुछ लाइक और व्यू के लिए अपनी या दूसरों की जिंदगी जोखिम में डालना भारी पड़ सकता है. सोशल मीडिया पर रील दोबारा बनाई जा सकती है, लेकिन जिंदगी दोबारा नहीं मिलती.
