Kaimur Hospital Chaos : मोहनिया शहर में सोमवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. जीटी रोड पर हुए इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद जब शव को अनुमंडल अस्पताल लाया गया, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ. हालात इस कदर बिगड़ गए कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक के साथ मारपीट तक की नौबत आ गई. पुलिस को काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाना पड़ा.
मृतक की पहचान कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के नौघरा गांव निवासी गुफरान खान के रूप में हुई है, जिनकी उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है. परिजनों के मुताबिक, गुफरान अपनी चचेरी पतोह को रांची एयरपोर्ट छोड़ने के लिए निकले थे, जहां से उसे दुबई के लिए फ्लाइट पकड़नी थी. इसी सिलसिले में वह पहले बाइक से मोहनिया पहुंचे और भभुआ रोड रेलवे स्टेशन के पास वाहन खड़ा कर दिया.
इसके बाद उनकी रिश्तेदार, जो दिलदारनगर इलाके से स्कॉर्पियो से मोहनिया पहुंची थी, उसके साथ वह आगे की यात्रा के लिए पुराने चेक पोस्ट के पास पहुंचे. यहां दोनों रांची जाने वाली बस का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान गुफरान बस की जानकारी लेने के लिए जीटी रोड की ओर गए.
Kaimur News : तेज रफ्तार स्कॉर्पियो बनी मौत की वजह
बताया जा रहा है कि जब गुफरान बस नहीं मिलने पर वापस सर्विस रोड की ओर लौट रहे थे, तभी मोहनिया की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार काले रंग की स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि वह सड़क पर ही गिर पड़े और उनके मुंह व कान से खून बहने लगा. आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें तुरंत अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. यह खबर सुनते ही परिजनों का गुस्सा भड़क उठा.
मौत के बाद अस्पताल में बवाल
जैसे ही मौत की सूचना गांव पहुंची, बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया. आरोप है कि परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की. डॉक्टर ने समझाने की कोशिश की कि मरीज को अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी, लेकिन गुस्साए लोग सुनने को तैयार नहीं थे.
जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने डॉक्टर को उनके चैंबर से बाहर खींच लिया और उनके साथ हाथापाई की. उस वक्त अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति को संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन माहौल कुछ देर तक काफी तनावपूर्ण बना रहा.
पुलिस ने संभाला मोर्चा, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया. सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार निर्झर के नेतृत्व में पहुंची टीम ने किसी तरह भीड़ को शांत कराया. इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया.
अस्पताल प्रशासन की सख्त चेतावनी
इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन भी सख्त रुख में आ गया है. अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अविनाश सिंह ने बताया कि चिकित्सक के साथ मारपीट के मामले में मोहनिया थाना में लिखित शिकायत दी गई है. उन्होंने साफ कहा कि अगर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.
साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि विरोध स्वरूप मोहनिया के निजी अस्पताल भी बंद रह सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर पड़ सकता है.
इस पूरे मामले ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की संवेदनशीलता को सामने ला दिया है. अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी है कि दोषियों पर क्या कदम उठाया जाता है और अस्पताल में व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाती है.
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