रकम जब्त होने पर खटखटा सकते हैं कोर्ट का दरवाजा

जिले या शहर में चुनाव आचार संहिता लगने के बाद चेकिंग के दौरान नकदी पकड़े जाने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं

= 50 हजार से अधिक रकम या जेवर लेकर चलते हैं, तो संबंधित दस्तावेज रखें साथ प्रभात खबर अपील भभुआ सदर. जिले या शहर में चुनाव आचार संहिता लगने के बाद चेकिंग के दौरान नकदी पकड़े जाने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं. चुनाव आचार संहिता में भी 50 हजार से अधिक की नकदी लेकर चलने पर इसे जब्त करने का आदेश हैं और यह रकम चुनाव के बाद ही वापस देने का निर्देश है. वहीं, चुनाव से पूर्व पकड़ी गयी रकम यदि 10 लाख से अधिक होती है तो मामला इनकम टैक्स विभाग तक पहुंचाया जाता है. आचार संहिता के दौरान 50 हजार से अधिक रकम, सोना-चांदी जैसी कीमती वस्तु लाने या ले जाने को चुनाव आयोग यही मानता है कि इस रकम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए हो सकता है या किया जा सकता है. वैसे, प्रभात खबर आपको सचेत करता है कि फिलहाल अगर आप घर, दुकान या कार्यालय से 50 हजार या उससे अधिक की नकद रकम, चेक या जेवर लेकर निकल रहे हैं, तो इससे संबंधित दस्तावेज साथ रखें या लेकर चलें. आचार संहिता के दौरान फोन पर आया ट्रांजेक्शन का मैसेज, एटीएम की स्लिप, खरीद-फरोख्त की रसीद जैसे कागजात भी मान्य होंगे. रकम को व्यक्तिगत साबित करने के लिए पुलिस-प्रशासन को उसकी वैधता बताने वाले दस्तावेज से संतुष्ट करना होगा, तभी जाकर 50 हजार से अधिक की पकड़ी गयी रकम छूट पायेगी. = 50 हजार से अधिक रकम या सोना चांदी जब्त होने के बाद पुलिस चेकिंग के दौरान मिले रुपयों, जेवर और चेक अवैधानिक मानकर 41 (2) के तहत जब्ती सूची बनाती है. रुपये जब्त होने पर पीड़ित सीधे कोर्ट भी जा सकता है. वह कोर्ट में दस्तावेज दिखाकर या सोर्स बताकर रुपये वापस ले सकता है. नियमानुसार 50 हजार से अधिक राशि बैंक में जमा करने या पास होने पर पैन कार्ड होना आवश्यक है. इसके अलावा आपके पास मिली राशि आपके द्वारा आइटी विभाग को टैक्स के बारे में दी गयी जानकारी के अनुरूप होनी चाहिए. इनकम टैक्स की लिमिट 10 लाख है, लेकिन चुनाव के दौरान 50 हजार रुपये से अधिक की रकम होने पर जांच होती है. चेक है तो जांच नहीं होती, लेकिन कोई व्यक्ति या व्यापारी कैश के साथ मिलता है, तो जांच के बाद उसे जब्त किया जा सकता है, जहां वैसे वैध लोगों को कोर्ट से तात्कालिक राहत मिल सकती है.

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By VIKASH KUMAR

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