मोहनिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार के पास सर्विस सड़क के किनारे लंबे समय से गंदा पानी जमा है. इसी रास्ते से होकर प्रतिदिन बीडीओ, सीओ, एसडीएम समेत कई अधिकारियों की गाड़ियों का आवागमन होता है. इसके बावजूद कार्यालय के मुख्य द्वार पर जमा गंदे पानी की निकासी को लेकर प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
प्रखंड मुख्यालय में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने काम के सिलसिले में पहुंचते हैं. ऐसे में मुख्य द्वार के पास जमा गंदा पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. पैदल आने वाले लोगों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर कार्यालय तक पहुंचना पड़ता है. वहीं, मोटरसाइकिल से आने वाले लोगों को भी जलजमाव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अधिकारियों की गाड़ियां इसी रास्ते से गुजरती हैं
प्रखंड सह अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर जमा गंदा पानी ऐसी जगह है, जहां से अधिकारियों की गाड़ियां भी रोज गुजरती हैं. बीडीओ, सीओ और एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों का आना-जाना इसी रास्ते से होता है. इसके बावजूद जलजमाव की समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है.
लोगों का कहना है कि जब प्रखंड मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान के मुख्य द्वार पर ही गंदा पानी जमा है, तो आम इलाकों में जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की प्रशासनिक व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है.
पैदल आने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी
प्रखंड मुख्यालय में करीब एक दर्जन अलग-अलग विभागों के कार्यालय संचालित होते हैं. यहां रोजाना सैकड़ों लोग अपने जरूरी काम को लेकर पहुंचते हैं. इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की होती है, जो पैदल या मोटरसाइकिल से कार्यालय आते हैं.
मुख्य द्वार पर जमा गंदे पानी के कारण इन लोगों को कार्यालय पहुंचने में परेशानी होती है. पैदल आने वाले लोगों को कपड़े और जूते गंदे होने की चिंता रहती है, जबकि बाइक सवारों को भी पानी के बीच से होकर निकलना पड़ता है.
जल निकासी की व्यवस्था की मांग
लोगों का कहना है कि प्रखंड मुख्यालय जैसे स्थान पर जलजमाव की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए. गंदे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है. लोगों ने प्रशासन से मुख्य द्वार के पास जमा गंदे पानी की निकासी कराने और दोबारा जलजमाव नहीं हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है.
