Kaimur News : जोरार गांव की मुख्य सड़क जलनिकासी के अभाव में झील में तब्दील, ग्रामीण परेशान

अनदेखी़ जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या बरकार

रामगढ़.

प्रखंड क्षेत्र के जोरार गांव की मुख्य सड़क पिछले दो माह से झील में तब्दील है. बरसात के साथ घरों का गंदा पानी मकान में घुसने लगा है. इससे ग्रामीण परेशान हैं. किंतु इनकी समस्या का निदान करने वाले हाकिम आवेदन मिलने के दो माह बाद भी अपने ऑफिस में आराम फरमा रहे हैं. प्रशासन की उदासीनता के चलते बेबस ग्रामीण अपने ही घरों के आगे बांस की चचरी लगाकर बाजार व गांव जाने को मजबूर है, जिन्हें कोई देखने वाला नहीं. हालांकि, उक्त ज्वलंत समस्या से निजात पाने के लिए सड़क से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर साढ़े चार एकड़ जल स्रोत (गड़ही) की जमीन मौजूद है. इसमें गांव का पानी गिराकर समस्या से निजात पायी जा सकती है, पर ग्रामीणों की पीड़ा को देखने वाला कोई नहीं है.

सड़क बह रहा 30 घरों से निकलने वाला गंदा पानी

दरअसल जोरार गांव के वार्ड 12 की मुख्य गली की लगभग चार माह पूर्व पंचायत निधि से ढलाई कराये जाने के बाद ग्रामीणों को पंचायत से अच्छी सड़क की सौगात तो मिली, किंतु जमीन के अभाव में नाले का निर्माण नहीं हो सका. इस कारण 30 घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क के रास्ते यत्र तत्र खेतों में जा रहा था. इधर, सड़क के दोनों तरफ निजी भूमि होने के कारण रैयतों द्वारा सड़क के दोनों तरफ व आगे की तरफ मिट्टी की दीवार ऊंचा कर पानी रोक दिया गया है. इससे अब घरों के गंदे पानी के साथ बरसात का पानी ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है. ग्रामीणों की माने तो सड़क से सटे महज कुछ ही मीटर की दूरी पर सरकारी साढ़े चार एकड़ सरकारी भूमि (गड़ही) उपलब्ध है, किंतु कुछ लोगों द्वारा इस पर अतिक्रमण किये जाने के कारण समस्या बढ़ गयी है.

क्या कहते हैं ग्रामीण

पिछले दो माह से मुख्य सड़क पर घुटने तक पानी लगने के कारण बांस की चचरी बनाकर किसी तरह जिंदगी गुजर बसर कर रहे हैं. सड़क किनारे कुछ ही दूर पर साढ़े चार एकड़ सरकारी गढ़ही है पर उसमें पानी नहीं गिराने दिया जा रहा. मुहल्ले के लोग दो माह पूर्व जल निकासी की समस्या को लेकर अंचल के सीओ को आवेदन दिये थे, कर्मचारी भी आये पर समस्या से निजात नहीं मिली है.

राम ध्यान कुशवाहा, वार्ड 12घुटने तक पानी में चलकर घर तक जाना पड़ रहा है. अक्सर मुख्य सड़क पर लगे पानी में गिरकर घर की महिलाएं व बच्चे घायल हो रहे हैं. सड़क के दोनों तरफ निजी जमीन वाले मिट्टी की दीवाल खड़ा कर गली के पानी को रोक दिये हैं. जल निकासी की समस्या से निजात दिलाने को लेकर जनप्रतिनिधि से गुहार लगा चुके हैं, पर तीन माह से केवल आश्वासन दिया जा रहा हैं, समस्या का समाधान नहीं हुआ.

ग्रामीण राम प्रताप गुप्तागांव के ग्रामीण रमेश सिंह ने जल निकासी नहीं होने से पहले घरों के पानी का जलजमाव रहता था़ अब बरसात हुई, तो मुख्य सड़क झील में तब्दील हो गयी है. दो दिनों की हुई बरसात में घर के अंदर घुटने तक पानी भर चुका है, परिजन से लेकर मवेशी तक सभी परेशान है. समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो मोहल्ले के लोग गंदगी के कारण महामारी की चपेट में आ जायेंगे.

ग्रामीण रमेश सिंहडेढ़ माह से 30 घरों के जल निकासी नहीं होने के कारण ग्रामीण परेशान है. पहले मोहल्ले का पानी सड़क किनारे खेतों में जाता था़ सड़क ढलाई के बाद दोनों तरफ निज भूमि होने के कारण रैयतों द्वारा मिट्टी की दीवार खड़ी कर पानी को रोका गया है. 30 से 35 घरों का पानी मुख्य सड़क पर झील में तब्दील है. घर में जाने के लिये घुटने तक पानी में चलकर जाना पड़ रहा है.

ग्रामीण प्रेम कुशवाहा, वार्ड 12क्या कहते है मुखिया

जोरार गांव में जल निकासी की समस्या बेहद गंभीर है. सड़क बनने के बाद निज रैयतदारों द्वारा सड़क के दोनों तरफ मिट्टी की दीवार खड़ी की गयी है़ इससे जल निकासी बाधित है. सड़क किनारे एक सरकारी गढही है, किंतु फ्रंट पर ही कुठ लोग द्वारा बाउंड्रीवॉल कर दिये जाने व उसे अपना निज जमीन बताने से गांव का पानी गढ़ही में गिराने में दिक्कत आ रही है. सरकारी जमीन पर कुछ लोगों का अवैध कब्जा भी है. डेढ़ माह पहले ग्रामीणों द्वारा सीओ के दिये गये आवेदन पर मैंने भी हस्ताक्षर बना सरकारी जमीन की मापी के लिए मांग की है. जमीन की मापी होने के बाद समस्या का समाधान निकाला जा सकता है़ इस पर जिला प्रशासन व सीओ को भी पहल करना होगा, ताकि ग्रामीणों को जल निकासी की समस्या से स्थायी निजात मिल सके.

पप्पू पासी, मुखिया

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By PANCHDEV KUMAR

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