RCMS Online Document Submission : कैमूर जिले के मोहनियां अनुमंडल में राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. अपर समाहर्ता ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सचिव को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत अब सभी लंबित और नए मामलों में साक्ष्य एवं दस्तावेज केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे. हार्ड कॉपी में कोई भी दस्तावेज नहीं लिया जाएगा.
kaimur News : हार्ड कॉपी में दस्तावेज नहीं होंगे स्वीकार
जारी निर्देश के अनुसार राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के अंतर्गत लंबित और नए दायर सभी वादों की सुनवाई के दौरान आवेदक और प्रतिवादी से भौतिक (हार्ड कॉपी) दस्तावेज या साक्ष्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे. सभी दस्तावेज पहले RCMS पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा. इसके बाद ही उन पर विचार किया जाएगा.
बार एसोसिएशन को दी गई जिम्मेदारी
अपर समाहर्ता ने बार एसोसिएशन से कहा है कि सभी अधिवक्ताओं को इस नए निर्देश की जानकारी दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि राजस्व न्यायालय में लंबित मामलों के पक्षकार केवल ऑनलाइन माध्यम से ही साक्ष्य एवं दस्तावेज प्रस्तुत करें. इससे मामलों का निष्पादन विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुचारू रूप से हो सकेगा.
राजस्व विभाग ने सभी जिलों को जारी किया निर्देश
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने भी सभी जिलाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं, डीसीएलआर और अंचल अधिकारियों (सीओ) को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि राजस्व न्यायालय की पूरी प्रक्रिया RCMS के तहत ऑनलाइन ही संचालित की जाए. वाद दायर करने से लेकर अंतिम आदेश पारित होने तक की सभी प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएंगी.
पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने की पहल
विभाग ने कहा है कि संज्ञान में आया है कि कई स्थानों पर अभी भी सुनवाई के दौरान हार्ड कॉपी में दस्तावेज लिए जा रहे हैं, जो नियमों के विपरीत है. अब संबंधित पक्षों को आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेज RCMS पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया जाएगा और उन्हीं ऑनलाइन अपलोड दस्तावेजों के आधार पर मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा.
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