कैमूर: दुर्गावती के चेतक होटल में मिले झारखंड के तीन बाल श्रमिक, श्रम विभाग की छापेमारी में कराया गया रेस्क्यू

कैमूर जिले के दुर्गावती में श्रम विभाग ने चेतक होटल में छापेमारी कर तीन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है. ये बच्चे झारखंड के रहने वाले हैं. होटल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई है.

Durgawati Child Labour Rescue : कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड में श्रम संसाधन विभाग की विशेष कार्रवाई के दौरान एनएच-19 स्थित चेतक होटल से तीन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. सभी बच्चे झारखंड के चतरा जिले के रहने वाले हैं. श्रम विभाग ने बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है, जबकि होटल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

Kaimur News : विशेष अभियान में होटल पर हुई छापेमारी

शनिवार को श्रम अधीक्षक राजीव रंजन निखर के निर्देश पर गठित जिला धावा दल ने बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत दुर्गावती प्रखंड में सघन जांच अभियान चलाया. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अजितेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया.

चेतक होटल से तीन बाल श्रमिक मुक्त

निरीक्षण के दौरान एनएच-19 के उत्तर स्थित कर्णपुरा के चेतक होटल में तीन बाल श्रमिक कार्य करते पाए गए. टीम ने तत्काल तीनों बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया. जांच में पता चला कि तीनों बाल श्रमिक झारखंड के चतरा जिले के निवासी हैं.

बाल कल्याण समिति को सौंपे गए बच्चे

रेस्क्यू किए गए तीनों बच्चों को मोहनिया प्रखंड के दादर स्थित बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया गया. वहीं होटल संचालक के विरुद्ध बाल श्रम कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

बाल श्रम कराने पर सख्त सजा का प्रावधान

श्रम विभाग ने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का काम कराना तथा 14 से 18 वर्ष के किशोरों से जोखिम वाले कार्य कराना दंडनीय अपराध है. ऐसे मामलों में दो वर्ष तक की सजा और 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रत्येक मुक्त कराए गए बाल श्रमिक पर 20 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है. राज्य सरकार प्रत्येक विमुक्त बाल श्रमिक को तत्काल सहायता के रूप में 3,000 रुपये भी प्रदान करती है.

कई अधिकारी रहे अभियान में शामिल

अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी प्रकाश कुमार (मोहनियां), नितेश कुमार (भगवानपुर), दिनेश कुमार केशरी (भभुआ) तथा जय गोपाल नाथ सरकार सहित अन्य अधिकारी भी शामिल रहे.

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By Shivkumar bharti

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