Kaimur News : माता-पिता अपनी बेहोश बेटी को कंधे लेकर पहुंचे एसपी कार्यालय

कार्रवाई नहीं हुई तो खून से लथपथ पति-पत्नी मारपीट से बेहोश अपनी बेटी को कंधे पर लेकर एसपी कार्यालय भभुआ पहुंच गये, जहां पुलिस अधिकारी द्वारा कहा गया कि पहले इलाज करा लो, जिस पर पुलिस प्रशासन के रवैये से परेशान घायल पिता ने कहा भले ही वह मर जायेंगे, लेकिन कार्रवाई के बाद ही इलाज करायेंगे.

मोहनिया शहर. कार्रवाई नहीं हुई तो खून से लथपथ पति-पत्नी मारपीट से बेहोश अपनी बेटी को कंधे पर लेकर एसपी कार्यालय भभुआ पहुंच गये, जहां पुलिस अधिकारी द्वारा कहा गया कि पहले इलाज करा लो, जिस पर पुलिस प्रशासन के रवैये से परेशान घायल पिता ने कहा भले ही वह मर जायेंगे, लेकिन कार्रवाई के बाद ही इलाज करायेंगे. इसके बाद एसडीपीओ मोहनिया द्वारा पीड़ित से बात कर तत्काल घायल का फर्द बयान लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गयी. इसके बाद उक्त घायल दंपती व उनकी बेटी इलाज कराने अस्पताल गये. दरअसल, गुरुवार को मोहनिया प्रखंड के घेघीया गांव में तूत तोड़ने को लेकर दो पक्ष में मारपीट हो गयी, जिसमें दोनों तरफ से पांच लोग घायल हो गये थे. इसमें एक तरफ से दो व दूसरी तरफ से तीन लोग घायल थे. घायलों में पहला पक्ष से घेघीया गांव निवासी शिव दुलार की 45 वर्षीय पत्नी भगवनती देवी व दूसरा पक्ष से घेघीया गांव निवासी अरुण चौधरी की 45 वर्षीय पत्नी लीलावती देवी, अरुण चौधरी की 18 वर्षीय पुत्री काजल कुमारी, दूधनाघ चौधरी के 47 वर्षीय पुत्र अरुण चौधरी शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, गांव में ही स्थित तालाब के समीप तूत तोड़ने को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते-देखते लाठी डंडे से मारपीट होने लगी, जिसमें दोनों तरफ से चार लोग घायल हो गये. परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लाये, जहां इलाज के बाद एक महिला की स्थिति गंभीर देख भभुआ रेफर किया गया है. # एक पक्ष ने लगाया पुलिस पर गंभीर आरोप एक पक्ष के घायल अरुण चौधरी ने बताया मारपीट के दौरान डायल 112 पुलिस को फोन किया गया, जहां सूचना पर 112 डायल पुलिस तो पहुंची, लेकिन पुलिस के सामने ही दूसरे पक्ष के लोग पिटाई कर रहे थे. पुलिस द्वारा कोई बीच बचाव नहीं किया गया, जहां घायल पत्नी और बेटी को लेकर जब मोहनिया थाना पहुंचे, तो वहां ऑडी ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इसके बाद हम बेहोश बेटी और घायल पत्नी को लेकर एसपी कार्यालय भभुआ पहुंचे, जहां पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किये जाने की शिकायत की गयी. #एसपी के निर्देश पर घायल का लिया गया फर्द बयान दरअसल, मारपीट में घायल एक पक्ष के पति-पत्नी और बेटी द्वारा जब पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी तो बेहोश बेटी को कंधे पर लेकर पहुंच गया, जहां एसपी पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे. खून से लथपथ घायलों को देखकर पहले तो पुलिस अधिकारियों द्वारा इलाज करने की बात कही गयी, लेकिन घायल द्वारा बताया गया कि भले ही वे इलाज के अभाव में मर जायेंगे, लेकिन कार्रवाई होने के बाद ही इलाज कराने जायेंगे, इसे देखते हुए एसपी के निर्देश पर आनन-फानन में मोहनिया डीएसपी की उपस्थिति में थानाध्यक्ष द्वारा फर्द बयान लिया गया, जिसके आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिये जाने पर इलाज के लिए परिजन अस्पताल गये. #क्या कहते हैं थानध्यक्ष# इस संबंध में थानाध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी ने बताया दो पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें एक पक्ष के घायल आपने परिवार को लेकर एसपी कार्यालय पहुंच गया. उनके द्वारा लगाया गया आरोप गलत हैं. सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस पहुंची, तो मारपीट हो रही थी. उसमें बीच बचाव किया गया है. जहां तक मोहनिया थाना के ओडी ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मी द्वारा भागने की बात हैं, तो घायल को यह कहा गया कि जाकर पहले इलाज कराएं जब इलाज करा कर आया तो कहा यहां आवेदन ही नहीं देंगे, एसपी के पास जायेंगे. ओडी के पुलिस पदाधिकारी द्वारा भगाया नहीं गया है.

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Published by: Prabhanjay kumar

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