Kaimur News : छात्र से मारपीट पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका निलंबित, विभागीय जांच में पायी गयीं दोषी

संतोषजनक जवाब न देने पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका तत्काल प्रभाव से निलंबित

रामपुर.प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय माझियाव में प्रभारी प्रधानाध्यापिका सविता पांडेय को छात्र से मारपीट और अन्य आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई रामपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तेजस्विनी आनंद की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गयी, जिसे स्थापना डीपीओ को भेजा गया था. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 18 जुलाई को कक्षा पांच के छात्र संकेत कुमार को सविता पांडेय द्वारा सड़ा हुआ केला दिया गया था. जब छात्र ने इसका विरोध किया तो प्रधानाध्यापिका ने उसे कक्षा में ले जाकर आंख और छाती पर मारपीट की, जिससे छात्र को गंभीर चोटें आईं. इसके अलावा, प्रभारी प्रधानाध्यापिका पर एफएलएन किट और पाठ्य-पुस्तकों का वितरण न करने, बच्चों से पैसे की वसूली करने और विभागीय योजनाओं की जानकारी न देने जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं. इन सभी मामलों में 29 जुलाई को रामपुर प्रखंड शिक्षा कार्यालय द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर शिक्षक आचरण नियमों के उल्लंघन, कार्य के प्रति लापरवाही और मनमाने रवैये के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया. निलंबन अवधि में उन्हें चैनपुर प्रखंड शिक्षा कार्यालय में योगदान देना होगा. पीड़ित छात्र की आपबीती: कक्षा पांच के छात्र संकेत कुमार ने बताया कि मैडम जी ने सड़ा हुआ केला दिया. विरोध करने पर उन्होंने मुझे कमरे में ले जाकर आंख और छाती पर मारा, जिससे मुझे काफी चोट लगी. इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में बेलांव में भी कराया गया. छात्र की मां पिंकी देवी ने कहा कि सड़ा केला देने का विरोध करने पर मेरी बेटे को बुरी तरह पीटा गया. हमने प्रखंड शिक्षा कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दी है. शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: इस घटना ने एक बार फिर से शिक्षा व्यवस्था को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर दिया है. शिक्षकों और छात्रों के बीच विश्वास की डोर कमजोर हो रही है. ऐसी घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को स्कूल से दूर कर सकती हैं, जिससे सर्वशिक्षा अभियान पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है. प्रधानाध्यापिका का पक्ष: सविता पांडेय ने फोन पर बताया कि दो लड़कों के बीच आपसी विवाद हुआ था. मैंने तो सिर्फ समझाया था. लगाये गये सभी आरोप बेबुनियाद हैं.” जिला शिक्षा पदाधिकारी का बयान: “परिजनों की शिकायत के बाद जांच करायी गयी. जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई है़ — जिला शिक्षा पदाधिकारी.———–

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Author: PANCHDEV KUMAR

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