Kaimur News : इत्र की खुशबू से महकने लगा बाजार

बरकत व रहमतों का महीना रमजान धीरे-धीरे अब अपनी रुखसती की ओर है. रमजान महीने के रूखसती में महज अब आज से दो दिन ही शेष बचे हैं. मुस्लिम जानकारों के अनुसार, अगर 30 को चांद दिखायी देता है तो 31 मार्च को ईद मनायी जायेगी, नहीं तो फिर एक अप्रैल को ईद का त्योहार मनाया जायेगा.

भभुआ सदर. बरकत व रहमतों का महीना रमजान धीरे-धीरे अब अपनी रुखसती की ओर है. रमजान महीने के रूखसती में महज अब आज से दो दिन ही शेष बचे हैं. मुस्लिम जानकारों के अनुसार, अगर 30 को चांद दिखायी देता है तो 31 मार्च को ईद मनायी जायेगी, नहीं तो फिर एक अप्रैल को ईद का त्योहार मनाया जायेगा. अब इसके चलते ईद की तैयारी अब आखरी दौर में है. पूरे महीने नमाज, तिलावत और इबादत के साथ अब लोग ईद की खरीदारी के लिए बाजारों का रुख करने लगे हैं. रमजान के रोजा के बाद लोग ईद की खरीदारी में जुट जा रहे हैं. अब सभी को चांद रात का इंतजार है. इसको लेकर बाजारों की रफ्तार और रंगत बदल रही है. बाजार परवान चढ़ने लगे है और लोग खासकर महिलाएं कपड़े, जूते-जूतियों के अतिरिक्त फूल-गुलदस्ता, पर्दे, प्यालियां, सोफे के कवर, कुशन, डोरमैट आदि की खरीदारी में जुट गये हैं. खरीदारी को लेकर स्थानीय बाजार में भी काफी चहल देखी जा रही है. इधर, रमजान का महीना गुजरने के साथ घरों में ईद की तैयारी भी जोशो खरोश से शुरू हो चुकी है, इसके चलते बाजारों की भी रौनक दोगुनी चौगुनी बढ़ गयी है. मुस्लिम परिवार का हर सदस्य ईद की तैयारी में जुटा हुआ है. बाजारों में कपड़ों और कॉस्मेटिक सामग्री की खरीदारी जोरों पर है. = रेडीमेड कपड़े की ओर युवाओं का रुझान शहर के एकता चौक, पश्चिम बाजार, कचहरी रोड, पटेल व जेपी चौक आदि बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ जुट रही है. ईद की खास नमाज के लिए कुर्ता-पायजामा के अतिरिक्त शाम को घूमने-फिरने के लिए रेडीमेड कपड़े की ओर युवाओं का रुझान ज्यादा है. जबकि, महिलाएं भी खरीदारी से पीछे नहीं हैं, फैंसी सूट के साथ मैचिंग चूड़ी, बिंदी, पर्स, पायल, बिछिया आदि की जमकर खरीदारी हो रही है. कपड़ा कारोबारी बुलबुल खान के अनुसार, युवाओं के बीच डबल पॉकेट वाले शर्ट, कुर्ते और गोल दामन वाले सलमान फेम कुर्ते का क्रेज जयादा दिख रहा है. इसके अलावा लखनवी, आस्तीनदार कुर्ते भी खूब बिक रहे हैं. चिकन की कढ़ाई, नेट वाले कुर्ते, प्रिटेंड, रंगीन कुर्ते भी खरीदे गये. लखनऊ और रामपुर की खास चिकन वाली टोपियां के साथ इस बार रजा कैप, बरेलवी कैप, इराकी कैप भी खरीदारी हो रही है. = लोग देसी इत्र कर रहे ज्यादा पसंद चांद रात और ईद को लेकर इत्र बाजार की खुशबू भी हर तरफ बिखरने लगी है. 10 वर्षों से इत्र का कारोबार कर रहे शाहिद के अनुसार, ईद के मौके पर इत्र की मांग काफी बढ़ जाती है. ब्रांडेड कंपनियों के परफ्यूम के मुकाबले लोग देसी इत्र को ज्यादा पसंद करते हैं. अरब देशों में बिकनेवाले इत्र की मांग अधिक होती है. सामान्य तौर पर 50 रुपये से लेकर 800 रुपये तक का इत्र बिक रहा है. इधर, ईद पर कपड़ों, जूते-जूतियों, सजावटी सामानों से इतर खास जोर सेवइंयों पर भी रहता है. 50 रुपये की सादी सेवई से लेकर सौ रुपये किलो से शुरू खास किमामी सेवइयों के साथ दूधवाली, कच्ची, सूतफेनी, बनारसी और इलाहाबाद की सेवइयों की खरीद जमकर हो रही है. इस बार पटना की लच्छेदार सेवइयां भी बाजार में खूब दिख रही हैं. = इन सामानों की भी हो रही खरीदारी बाजार में गुलाब, जूही, चमेली, बेला के वाशेबल फ्लॉवर के साथ कमरे को सजाने के लिए चाइनीज बेलों से बाजार गर्म है. छोटे-बड़े सभी लोग अपनी पसंद और जरूरत के मुताबिक आर्टीफिशियल फूल खरीद रहे हैं. चौक, बरामदा, रोशनबाग के फूल और सजावटी सामानों के कारोबारियों की मानें तो गुलदस्ते, सजावटी सामान सहित मेजपोश, पर्दे, कुशन, डोरमैट, चद्दरों आदि की खरीद जोर पकड़ रहा है. इनसेट ईद नजदीक आते ही टोपियों का बाजार हुआ गुलजार भभुआ सदर. रमजान के आखिरी दिनों में जैसे-जैसे ईद नजदीक आ रही है, अनुमंडल मुख्यालय से लेकर प्रखंडों के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. खासतौर पर टोपियों की दुकानों पर खूब चहल-पहल दिख रही है. रंग-बिरंगी, कढ़ाईदार, डिजाइनर और पारंपरिक टोपियों से बाजार सज गया है. लोग अपनी पसंद और परिजनों के लिए टोपियां खरीदने में जुट गये हैं. रंग बिरंगी टोपियों से सजे बाजार में टोपियों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. दुकानदारों ने इस बार कई नये डिजाइन और आकर्षक रंगों की टोपियां मंगवाई हैं, जो लोगों को खूब पसंद आ रही हैं. सफेद, काले, सुनहरे, नीले और हरे रंग की टोपियां खास आकर्षण का केंद्र बनी हैं. बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली टोपियां भी बाजार में उपलब्ध हैं, जिनकी खूब मांग हो रही है. हर किसी की अलग पसंद ईद की नमाज में नये कपड़े और टोपी पहनने की परंपरा है, इसलिए लोग अपने पहनावे के हिसाब से टोपियां चुन रहे हैं. कोई सादी सफेद टोपी पसंद कर रहा है तो कोई गोल्डन बॉर्डर वाली कढ़ाईदार टोपी खरीद रहा है. कुछ लोग मैचिंग कुर्ते के साथ सेट बनाने के लिए खास रंगों की टोपियां ले रहे हैं. टोपियों की बिक्री बढ़ने से दुकानदारों के चेहरे खिले हुए हैं. एकता चौक पर टोपी की दुकान चलाने वाले पप्पू ने कहा कोरोना के बाद इस साल ग्राहकों की अच्छी भीड़ आ रही है. खासकर रमजान के आखिरी हफ्ते में बिक्री तेजी से बढ़ी है. हर उम्र के लोग अपनी पसंद की टोपियां खरीद रहे हैं.

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Published by: Prabhanjay kumar

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