राधाखांड़ गांव में संदिग्ध हालात में युवक का शव बरामद, परिजन जता रहे हत्या की आशंका
स्थानीय थाना क्षेत्र की टोड़ी पंचायत अंतर्गत राधाखांड़ गांव में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मंगलवार की सुबह संदिग्धावस्था में एक युवक का शव बरामद किया है.
एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा शव, पुलिस के बाद फॉरेंसिक टीम ने घंटों की जांच दो संदिग्ध लोगों को पुलिस ने लिया हिरासत में, मृतक का मोबाइल व अस्थमा पंप बरामद 31 दिसंबर की रात साथियों के साथ घर में कर रहे थे पार्टी सेलिब्रेट, तब से किसी ने नहीं देखा संदेह होने पर पट्टीदारों ने घर का ताला तोड़ कर देखा, तो अंदरूनी बेडरूम में पड़ा था शव भगवानपुर. स्थानीय थाना क्षेत्र की टोड़ी पंचायत अंतर्गत राधाखांड़ गांव में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मंगलवार की सुबह संदिग्धावस्था में एक युवक का शव बरामद किया है. मृतक राधाखांड़ गांव निवासी अमित कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय रघुनाथ सिंह उम्र करीब 44 वर्ष बताया गया है. घटना के संबंध में मृतक के पट्टीदारों से पता चला है कि अमित कुमार सिंह विगत 31 दिसंबर की रात अपने कुछ साथियों के साथ खुद के घर में ही साल के समाप्ति तथा आगामी नववर्ष को लेकर पार्टी सेलिब्रेट कर रहे थे. तब से पांच जनवरी की रात तक उन्हें किसी ने नहीं देखा. अंत में जब उनके पट्टीदारों को संदेह हुआ, तो उन्होंने छह जनवरी दिन मंगलवार की सुबह उनके घर का ताला तोड़ कर देखा. इस बीच पाया गया कि अमित कुमार सिंह घर के अंदरूनी बेडरूम में मृत अवस्था में पड़े हुए हैं. इसकी सूचना उनके द्वारा पुलिस को दी गयी. घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा व एडिशनल एसएचओ गुड्डू कुमार सरदार तथा सब इंस्पेक्टर अभय कुमार दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच पड़ताल के माध्यम से आगे की कार्रवाई में जुट गये. इस बीच पुलिस के हाथों कुछ खास सुराग नहीं मिलते देख फॉरेंसिक टीम को सूचना की गयी. इसके बाद फॉरेंसिक टीम के डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज नीतिश शर्मा भी फॉरेंसिक टीम के साथ मृतक के घर पर पहुंचे और संबंधित उपकरणों के माध्यम से घटना की जांच पड़ताल की गयी. इस दौरान पुलिस तथा फॉरेंसिक टीम के डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज नीतिश शर्मा द्वारा बारी से मृतक के बेडरूम में पड़े गोदरेज, ड्रेसिंग बॉक्स, डायरी इत्यादि समेत कई बिंदुओं पर जांच की गयी. मगर संभावित वारदात स्थल पर शुगर से संबंधित कुछ दवाइयां व अस्थमा पंप मशीन इत्यादि के अलावा कुछ खास सुराग हाथ नहीं लग सका. इसी क्रम में पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने घर के मुख्य द्वार पर बने गेस्ट रूम दालान की भी जांच की, जहां बिखरे पड़े कुछ बर्तन के साथ बगल में ही सोफे पर पड़ा मृतक का मोबाइल बरामद हुआ. बेडरूम व गेस्ट रूम की जांच में निकल सका खास निष्कर्ष इस तरह से पुलिस द्वारा मृतक के चाचा समेत उनके कुछ अन्य पट्टीदारों से पुलिस द्वारा गोपनीय तरीके से पूछताछ करने के साथ-साथ फॉरेंसिक पदाधिकारी द्वारा बेडरूम तथा गेस्ट रूम की बहुत ही बारीकी रूप से घंटों तक जांच की गयी, बावजूद इसके कुछ खास निष्कर्ष नहीं निकल सका. डेडबॉडी डिकंपोज होने की वजह से काफी दुर्गंध दे रहा था और शव फुल चुका था, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अमित का मृत शरीर करीब एक सप्ताह से बेडरूम में पड़ा हुआ था. इस दौरान घटनास्थल के इर्द-गिर्द से ही ग्रामीणों ने दो संदिग्ध युवकों को पकड़ पुलिस के हवाले किया है, जिसमें एक खुद को भभुआ शहर का वार्ड तीन निवासी दुखंती साह, जबकि दूसरा स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत भैसहीं गांव निवासी जयप्रकाश बिंद उर्फ जेपी उर्फ मोहर बिंद बताये जा रहे हैं. इनमें से दुखंती साह का कहना है कि अमित कुमार सिंह से घनिष्ठ संबंध होने की वजह से मैं उनके घर आता-जाता रहता था. उसने बताया कि मैं जब दो जनवरी को अमित कुमार सिंह के दरवाजे पर पहुंचा, तो मैंने पाया कि उनके घर का मुख्य दरवाजा और साथ ही उसके बाद वाला लोहे का गेट (दूसरा दरवाजा) खुला पड़ा है, जिसे देख मैं उक्त दोनों ही गेटों में बाहर से ताला मार कर उन्हें लॉक कर दिया. इधर, जयप्रकाश उर्फ जेपी उर्फ मोहर बिंद बता रहा है कि 31 दिसंबर की रात अमित कुमार सिंह व मेरे अलावा अन्य तीन लोग अमित कुमार सिंह के घर पर पिकनिक मना रहे थे, फिर मैं वहां से चला गया, बाद में क्या हुआ, यह मुझे मालूम नहीं है. परिजनों का आक्रोश देख संदिग्ध लोगों को भेजा थाना इधर, पुलिस द्वारा कस्टडी में लिये गये उक्त दोनों संदिग्ध लोगों द्वारा बातों को गोलमटोल घुमाते देख मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों का संदेह निरंतर बढ़ता जा रहा था और वह धीरे-धीरे काफी आक्रोशित नजर आ रहे थे. ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने एक अन्य गश्ती वाहन के माध्यम से हिरासत में लिये गये दोनों संदिग्धों को थाने भिजवाया और उन्हें लॉकअप में बंद किया गया. साथ ही डेडबॉडी की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर उसे सदर अस्पताल भभुआ भिजवाया गया. खबर लिखे जाने तक बॉडी डिकंपोज होने की वजह से अंत्य परीक्षण के लिए शव को पटना भेजने की तैयारी चल रही थी. इधर, प्राथमिक जांच में फॉरेंसिक इंचार्ज तथा पुलिस ने पाया कि मृतक के मोबाइल फोन से आखरी आउट गोइंग कॉल विगत 29 तारीख की रात 9:30 पर की गयी है, जबकि इस नंबर पर 30 तारीख को एकमात्र इनकमिंग कॉल आया हुआ है, जिस कॉल को मृतक ने नहीं उठाया है. – पत्नी अपने पुत्र के साथ एक साल से रह रही मायके में इधर, मृतक के चाचा आदित्य कुमार सिंह (एडवोकेट) ने बताया कि पिछले करीब एक वर्ष से अंदरुनी पारिवारिक मामलों की वजह से मृतक की पत्नी लगभग 12 वर्षीय अपने एकमात्र पुत्र के साथ अपने मायके में रह रही थी, वह होती तो शायद यह घटना घटित नहीं हो पाती. परिजनों का दावा है कि अमित की गला घोटकर या फिर अन्य तरीके से साजिश के तहत हत्या की गयी है, जबकि पुलिस इसे संदिग्ध मामला समझते हुए इस जांच का विषय बता रही है. घटना की सूचना पर मृतक के दरवाजे पर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि रामकेश्वर सिंह, उप प्रमुख प्रतिनिधि संजय कुमार सिंह उर्फ भोला सिंह, जेडीयू के प्रखंड अध्यक्ष सह 20 सूत्री के प्रखंड अध्यक्ष सह पैक्स अध्यक्ष प्रेम प्रताप सिंह अंशु समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि व समाजसेवियों सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. – कहते हैं थानाध्यक्ष इस संबंध में थानाध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि मंगलवार को घंटों जांच पड़ताल की गयी है, फिलहाल इस घटना को हत्या बताना काफी जल्दबाजी होगी. पुलिस ने घटनास्थल से मृतक का मोबाइल तथा कमरे में पड़े अस्थमा पंप को बरामद किया है. हिरासत में लिये गये संदिग्धों से पूछताछ सहित बरामद किये गये मोबाइल के कॉल डिटेल्स निकालने व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामला स्पष्ट हो पायेगा.
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