प्रॉपर्टी का ब्योरा देंगे, तभी शिक्षकों को मिलेगी जनवरी की सैलरी

सरकार सख्त, चल व अचल संपत्ति का ब्योरा देना हुआ अनिवार्य

सरकार सख्त, चल व अचल संपत्ति का ब्योरा देना हुआ अनिवार्य संपत्ति विवरण के लिए शिक्षकों को जारी हुआ सख्त निर्देश भभुआ नगर. बिहार सरकार ने राज्य के सभी सरकारी शिक्षकों के लिए एक अहम व सख्त निर्देश जारी किया है. अब शिक्षकों को अपनी चल व अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य होगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण नहीं देंगे, उन्हें जनवरी महीने का वेतन नहीं मिलेगा. इस फैसले से जिले के शिक्षकों में हलचल तेज हो गयी है. शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कदम पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. विभाग का कहना है कि सरकारी सेवा में कार्यरत सभी कर्मियों के लिए संपत्ति का विवरण देना पहले से ही नियमों में शामिल है, लेकिन लंबे समय से इसका पालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा था. अब सरकार ने इसे सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है. आदेश में कहा गया है कि सभी शिक्षक अपने नाम व अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज चल संपत्ति जैसे नकद राशि, बैंक जमा, वाहन, आभूषण आदि तथा अचल संपत्ति जैसे भूमि, मकान, फ्लैट व अन्य अचल परिसंपत्तियों का पूरा विवरण निर्धारित प्रपत्र में देंगे. यह विवरण ऑनलाइन पोर्टल अथवा विभाग द्वारा तय प्रक्रिया के तहत जमा करना अनिवार्य किया गया है. शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों से समय पर संपत्ति विवरण प्राप्त करना सुनिश्चित करें. साथ ही कहा गया है कि जिन शिक्षकों का विवरण अपूर्ण होगा या जिन्होंने विवरण जमा नहीं किया होगा, उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा दी जायेगी. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने व सरकारी कर्मचारियों की आय व संपत्ति में संतुलन की निगरानी के लिए जरूरी है. इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि किसी भी शिक्षक द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की स्थिति में समय रहते जांच की जा सके. हालांकि, शिक्षक संगठनों ने इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. कुछ संगठनों ने पारदर्शिता के उद्देश्य का समर्थन किया है, वहीं कुछ ने अचानक वेतन रोकने की शर्त को अनुचित बताया है. उनका कहना है कि कई शिक्षक तकनीकी कारणों या जानकारी के अभाव में समय पर विवरण नहीं दे पाते, ऐसे में उन्हें पहले पर्याप्त समय व सहायता दी जानी चाहिए. इधर शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि तय समय-सीमा के भीतर संपत्ति का ब्योरा देना सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य है व इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इस संबंध में पूछे जाने पर डीइओ राजन कुमार ने बताया कि सभी शिक्षकों को सरकार स्तर से जारी आदेश के आलोक में जनवरी से पहले अपनी चल व अचल संपत्ति का ब्योरा विभाग को उपलब्ध करा देना है. नहीं देने वाले शिक्षकों को जनवरी का वेतन नहीं मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >