भभुआ की 22 पंचायतों में 85 शिक्षक प्रतिनियुक्त, 8 सितंबर तक मोबाइल ऐप से पूरा करना होगा परिसीमन का काम

भभुआ में ग्राम पंचायतों के परिसीमन कार्य के लिए 85 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।

Kaimur News : सरकारी कार्यों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का सिलसिला एक बार फिर चर्चा में है. भभुआ प्रखंड की 22 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायतों के परिसीमन से जुड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए कुल 85 शिक्षकों को प्रतिनियुक्त किया गया है. प्रखंड कार्यालय की ओर से जारी आदेश के बाद अब इन शिक्षकों को अपने-अपने आवंटित पंचायतों में जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्धारित आंकड़ों की प्रविष्टि करनी होगी. शिक्षकों की एक साथ बड़े पैमाने पर प्रतिनियुक्ति होने से विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है.

पंचायतों के परिसीमन के लिए शिक्षकों को मिली जिम्मेदारी

प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार पंचायत राज विभाग की अधिसूचना के तहत वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ग्राम पंचायतों का नये सिरे से परिसीमन किया जाना है. इसके तहत ग्राम पंचायत और पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाना है. इसके लिए जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र का यथासंभव समान वितरण सुनिश्चित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

इसी कार्य को पूरा कराने के लिए भभुआ प्रखंड की 22 पंचायतों में 85 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. प्रत्येक पंचायत में तीन से पांच शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. साथ ही संबंधित पंचायत में एक कार्यालय सहायक या डाटा एंट्री ऑपरेटर को भी तैनात किया गया है.

मोबाइल ऐप पर दर्ज करने होंगे नौ बिंदु

प्रतिनियुक्त शिक्षकों को अपने आवंटित पंचायत के राजस्व ग्राम के एन्यूमरेशन ब्लॉक से संबंधित जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज करनी होगी. आदेश के अनुसार नौ बिंदुओं की प्रविष्टि की जानी है. इनमें उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और मध्य बिंदु शामिल हैं.

सभी शिक्षकों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्यों का बंटवारा करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रविष्टि पूरी करने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों ने इस कार्य को 8 सितंबर तक पूरा करने को कहा है.

तकनीकी समस्या होने पर डाटा एंट्री ऑपरेटर करेंगे मदद

प्रशासन ने प्रतिनियुक्त शिक्षकों के सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी पंचायत के कार्यालय सहायक या डाटा एंट्री ऑपरेटर को दी है. किसी शिक्षक को मोबाइल ऐप के संचालन या डाटा प्रविष्टि में परेशानी होने पर संबंधित ऑपरेटर को तत्काल समस्या का समाधान करना होगा.

डाटा एंट्री ऑपरेटरों को प्रतिदिन कार्य की प्रगति का प्रतिवेदन भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इससे अधिकारियों को पंचायतवार कार्य की प्रगति की जानकारी मिलती रहेगी और समय सीमा के भीतर परिसीमन संबंधी काम पूरा कराया जा सकेगा.

22 पंचायतों में इन शिक्षकों की हुई प्रतिनियुक्ति

जारी सूची के अनुसार मंझिआरी, रूपपुर, रतवार, डिहरा, कैथी, मिरियां, सोहनहन, बहुअन, सिकठी, रुइयां, कोहारी, डुमरेठ, कुड़ासन, अखलासपुर, मड़ुआरी, जागेबरांव, महुअत, भीभ, सीवों, बेतरी, मोकरी और दुर्गमदुम पंचायत में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. पंचायतवार तीन से पांच शिक्षक इस कार्य में लगाए गए हैं.

गैर-शैक्षणिक कार्य में प्रतिनियुक्ति से पढ़ाई पर सवाल

शिक्षकों को सरकारी कार्यों में प्रतिनियुक्त किये जाने को लेकर एक बार फिर विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित होने का सवाल उठ रहा है. इससे पहले भी जनगणना, सर्वेक्षण और निर्वाचन जैसे विभिन्न सरकारी कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती रही है. अब पंचायत परिसीमन के कार्य में 85 शिक्षकों की तैनाती से कई विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है.

हालांकि प्रशासन के लिए परिसीमन का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कराना जरूरी है, लेकिन दूसरी ओर विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई भी नियमित रूप से संचालित करना चुनौती है. ऐसे में शिक्षा विभाग और प्रखंड प्रशासन के सामने परिसीमन का काम समय पर पूरा कराने के साथ-साथ विद्यालयों में पठन-पाठन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की भी जिम्मेदारी होगी.

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By Sunil kr pathak

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