रामगढ़. लगभग दो वर्षों पूर्व 10 लाख रुपये की लागत से पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चौबे द्वारा रामगढ़ सूर्य सरोवर पर बने पोखरा घाट का निचला सतह धराशायी हो जाने से सरोवर स्नान करने आने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है. जबकि छठ पूजा के दौरान भी कई महिला श्रद्धालु घाट पर गिरकर प्रत्येक वर्ष घायल होते रहे है. दो वर्ष के अंदर धराशायी हुआ सीढ़ी विभागीय कार्यशैली पर कई तरह के सवाल खड़े कर रही हैं. 10 लाख रुपये की लागत से बने इत घाट पर छठ पर्व के दौरान सैकड़ों महिलाएं छठ पूजा करने आती है. घाट निर्माण के दौरान अनियमितता को लेकर पास के कुछ ग्रामीणों द्वारा रोक टोक भी किया गया था, किंतु विभाग द्वारा आनन फानन में निर्माण कार्य पूरा करा दिया गया था. लोगाें का कहना है कि आज भी निर्माण कार्य की जांच करायी जाये, तो कई तरह की अनियमितता उजागर होगी. बताया कि घाट निर्माण के दौरान नीचे बीम स्पोर्ट नहीं दिये जाने के कारण पानी के हल्के थपेड़ों से ही घाट धराशायी हो जा रहा है. गोडसरा के ग्रामीण सह समाजसेवी राधेश्याम यादव, पंकज सिंह आदि अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से टूटे घाट की जांच कर दोषियों के ऊपर कार्यवाही करने व टूटी सीढ़ी का कार्य दोबारा कराने की मांग की है.
10 लाख से बना सूर्य सरोवर घाट दो साल में ही टूटा
रामगढ़ सूर्य सरोवर पर बने पोखरा घाट का निचला सतह धराशायी हो जाने से सरोवर स्नान करने आने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है.
