बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, परिभ्रमण से पहले अनिवार्य आवेदन रामपुर. प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालयों व उत्क्रमित मध्य विद्यालयों के बच्चों को शैक्षणिक परिभ्रमण पर ले जाने को लेकर अब सख्त नियम लागू कर दिया गया है. विद्यालयों को परिभ्रमण से एक सप्ताह पूर्व ही प्रखंड शिक्षा कार्यालय (बीआरसी) में आवेदन देना अनिवार्य होगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है. हाल के दिनों में परिभ्रमण के दौरान हुए सड़क हादसे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. निर्देश के अनुसार परिभ्रमण दल में विद्यार्थियों और शिक्षकों के अलावा विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष व सचिव की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी. दो नोडल शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे, जिनमें एक महिला और एक पुरुष शिक्षक का होना आवश्यक है. परिभ्रमण के लिए चयनित बस में दो चालक, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, खिड़की तथा वाहन की अच्छी स्थिति अनिवार्य रूप से जांची जायेगी. वाहन की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा से अधिक नहीं रखने का निर्देश दिया गया है. भ्रमण स्थल का चयन करते समय दूरी का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है, ताकि विद्यालय से आने-जाने में अधिकतम चार घंटे का समय लगे. जाम वाले मार्गों से बचने तथा दूर जिलों के बजाय आसपास के स्थानों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गयी है. भ्रमण की तिथि और समय तय होने के बाद विद्यार्थियों, अभिभावकों और समिति सदस्यों को कम से कम तीन दिन पहले सूचना देना अनिवार्य होगा. लेखापाल हिमांशु शेखर पांडेय ने बताया कि भ्रमण के दिन बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायेगी. हर पड़ाव पर उपस्थिति की गणना की जायेगी और किसी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से तुरंत संपर्क किया जायेगा. लौटने के बाद विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा करने के लिए भी प्रेरित किया जायेगा.
शैक्षणिक परिभ्रमण पर जाने को लेकर सख्त नियम लागू
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, परिभ्रमण से पहले अनिवार्य आवेदन
