विद्यार्थियों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसी के तहत मंगलवार को ग्राम भारती महाविद्यालय, रामगढ़ में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर. आपकी समस्या, हमारा समाधान’ का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पहुंचकर अपनी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक समस्याएं लिखित रूप में दर्ज कराईं.
Student Support Camp में छात्रों ने रखीं समस्याएं
शिविर में छात्रों ने महाविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था और सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं. छात्रों ने बताया कि कॉलेज के सात विषयों में शिक्षक नहीं होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इसके अलावा साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें दर्ज कराई गईं. छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपने सुझाव भी दिए.
हर महीने चौथे मंगलवार को लगेगा शिविर
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विनोद कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को Student Support Camp के उद्देश्य और सरकार के निर्देशों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि छात्रों की शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक समस्याओं को अब लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाएगा. जिले के सभी सरकारी और अनुदानित शिक्षण संस्थानों तथा छात्रावासों में हर महीने के चौथे मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाया जाएगा.
शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें भी होंगी दर्ज
प्राचार्य ने बताया कि विद्यार्थी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं के अलावा कॉलेज की सुविधाओं, व्यवस्था और अन्य गैर-शैक्षणिक मामलों की शिकायत भी शिविर में दर्ज करा सकेंगे. शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े सुझाव भी लिए जाएंगे. सरकार की योजनाओं के तहत लागू किए जा सकने वाले सुझावों पर जिला शिक्षा पदाधिकारी स्तर से कार्रवाई होगी. वहीं, अन्य सुझावों को उच्चस्तरीय शिक्षा सुधार समिति के पास भेजा जाएगा.
30 दिनों में शिकायतों का करना होगा निस्तारण
विद्यार्थी सहयोग शिविर में प्राप्त शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर निस्तारण करना होगा. शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तय एसओपी के अनुसार होगी. विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के लिए एल-1, एल-2 और एल-3 स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है. समाधान से असंतुष्ट विद्यार्थियों की शिकायतों की सुनवाई राज्य स्तर पर हर महीने के दूसरे मंगलवार को की जाएगी.
शिविर में मिलेंगी ऑनलाइन सुविधाएं
सरकार के निर्देश के अनुसार शिविर का आयोजन संबंधित संस्थान के प्रधानाचार्य, प्राचार्य, डीन या मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की देखरेख में होगा. शिविर स्थल पर कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट और कियोस्क मशीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. बड़े हॉल में शिविर आयोजित करने के साथ बैनर और पोस्टर लगाने की भी व्यवस्था की जाएगी.
जिला स्तर पर बनेगा निगरानी तंत्र
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर अनुश्रवण कोषांग का गठन किया गया है. इसकी अध्यक्षता उप विकास आयुक्त करेंगे. जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन और जिला कल्याण पदाधिकारी मुकेश कुमार सहायक नोडल पदाधिकारी होंगे.
शिविर की रिपोर्ट प्रशासन को दी जाएगी
कोषांग शिविर में प्राप्त आवेदनों के समय पर निष्पादन की निगरानी करेगा. साथ ही शिविरों के निरीक्षण, प्रबंधन और आयोजन के दिन की समेकित रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी. संवेदनशील शिविर स्थलों पर जरूरत के अनुसार पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी.
स्थानीय स्तर पर होगा प्रचार-प्रसार
जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी को शिविर के कार्यक्रम, स्थल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का स्थानीय मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने की जिम्मेदारी दी गई है. इससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को शिविर की जानकारी मिल सकेगी और वे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे.
अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान डीसीएलआर कमलाकांत त्रिवेदी, महाविद्यालय के प्रधान लिपिक भोला सिंह, हिंदी विभाग के प्रवक्ता डॉ. आमोद प्रकाश चतुर्वेदी, डॉ. मोहन प्रसाद वर्मा, डॉ. विकास यादव और समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार आर्या सहित अन्य शिक्षक और कर्मी मौजूद रहे.
